संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नगर निगम का लाखों रुपये डीजल पंपो पर ही खर्च हो रहा है। जबकि यहां पानी निकालने के लिए पंपों का प्रयोग तभी किया जाता है जब बारिश अधिक आती है। ऐसे में यहां अफसरों द्वारा डीजल के लाखों के बिल पास कराए गए है। इस डीजल का उपयोग कहां हो रहा है यह एक अहम सवाल बना हुआ है। इस मामले को पार्षद भी उठा चुके हैं।
स्थिति यह है कि यहां पिछले वित्तीय वर्ष में पानी निकालने पर ही 12 लाख 53 हजार 363 रुपये खर्च किए गए हैं। इसके अलावा फोगिंग करने और ग्रास कटिंग की मशीन में भी डीजल का प्रयोग करने के लिए अधिकारियों द्वारा लाखों रुपये के बिल पास करवाए गए हैं।
इस मामले को नगर निगम के पूरे अमले के सामने पार्षद राकेश सिंगला व डिप्टी मेयर राजेश मेहता ने उठाया तो मेयर शक्तिरानी शर्मा ने जांच करने के मौखिक आदेश दे दिए। परंतु इस मामले में अधिकारियों की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यह स्थिति तब है जबकि पार्षदों द्वारा आंकड़ों के साथ बैठक में सारी जानकारी दी गई थी।
यह है महीने दर महीने का आंकड़ा
2022 और 2023 में डीजल पर महीने दर महीने हुआ खर्च : पार्षद राकेश कुमार ने बताया था कि डीजल पर पिछले साल 31 मार्च को 31035, अप्रैल माह में 36914, मई माह में 39 985, जून में 161744, जुलाई में 2 84754, अगस्त में 143 046, सितंबर माह में 147 919 रुपये, अक्तूबर माह में 160 230, नवंबर माह में 44223, दिसंबर माह में 59565 और इस साल जनवरी माह में 87091 रुपये, फरवरी माह में 56 857 रुपये खर्च हुए हैं।
फॉगिंग और घास कटिंग के नाम पर कटे डीजल के बिल
बैठक में पार्षदों आरोप था कि पंप के अलावा फॉगिंग और घास कटिंग के नाम पर भी डीजल लेने के बिल कटे हैं। उनका कहना था कि हकीकत में न तो ज्यादा फॉगिंग हुई है और घास कटिंग की स्थिति तो पार्कों में जाकर दिख ही जाती है। वहीं पार्षदों द्वारा इसके दस्तावेज भी आने वाली बैठक में कमेटी बनने के बाद पेश किए जाएंगे। इससे कि इस मामले की जांच हो सके और स्थिति स्पष्ट की जा सके।