अंबाला सिटी। जिला शिक्षा सदन और उपायुक्त कार्यालय में कई बार प्रदर्शन करने के बाद भी राजकीय स्कूलों में मिड डे मील पकाने वाली कुक को चार महीने का वेतन नहीं मिला है। बीते दिनों जिला शिक्षा सदन पर कुक भूख हड़ताल पर बैठे गई थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने एक माह का बजट जारी किया था। अब कुक 28 अप्रैल को जिला शिक्षा सदन और उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगी। साथ ही 28 अप्रैल से राजकीय स्कूलों में खाना न पकाने की चेतावनी दी है।
मिड डे मील यूनियन जिला प्रधान ललिता रानी ने बताया कि इससे पहले कभी इतने लंबे समय के लिए मानदेय नहीं रुका है। 28 अप्रैल को प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब उनके पास घर खर्च चलाने के पैसे भी नहीं है। कई बार प्रदर्शन और नोटिस देने के बाद भी विभाग नहीं जागा।
जिले में शिक्षा विभाग ने मिड डे मील में विद्यार्थियों के लिए कुकिंग कॉस्ट का दो करोड़ 40 लाख, कुक का मानदेय एक करोड़ 10 हजार, हैफेड के लिए गेहूं का बजट आठ लाख और एग्जीक्यूटिव का मानदेय दो लाख 12 हजार रुपये का बजट दिया था। मिड डे मील कुक का सिर्फ नवंबर माह ही बजट जारी किया गया है। जिले में 1440 मिड डे मील कुक हैं। कुक का दिसंबर से लेकर मार्च का मानदेय बकाया है।
मिडे डे मील कुक की मांग
मानदेय माह की सात तारीख तक दिया जाए। कुक को 12 महीने का वेतन दिया जाए। अभी 10 महीने का दिया जा रहा है। न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये दिया जाए। वर्दी के 600 रुपये की जगह दो हजार दिए जाएं। सभी हटाई गई वर्करों को बहाल किया जाए। रिटायरमेंट लाभ दो लाख रुपये दिया जाए। मिड डे मील वर्करों को पक्का किया जाए। पेंशन, ग्रेच्युटी, एक्सग्रेसिशा समेत सभी सामाजिक सुरक्षा लाभ दिए जाएं। नई शिक्षा नीति 2020 एनईपी रद की जाए।
मिड डे मील कुक का अभी निदेशालय से एक महीने का ही बजट आया है। वह बजट डाल दिया गया है। बाकी बजट भी जल्द आएगा। बजट आते ही कर्मचारियों के खाते में डाला जाएगा। इस बारे में पहले मिड डे मील कुक ने उन्हें ज्ञापन भी दिया था।
-सुधीर कालड़ा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, अंबाला।