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Ambala News: पांच जिलों की करोड़ों की दवा खंडहर में, सुरक्षा में बड़ी चूक

Sat, 13 Dec 2025 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला
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जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद - फोटो : photo
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अंबाला सिटी। पशुपालन विभाग प्रदेश के पांच जिलों को करोड़ों रुपये की दवा खंडहर से सप्लाई हो रही है। इस खंडहर की हालत ऐसी है कि कोई भी असामाजिक तत्व दवा के वेयरहाउस का एक ईंट से ताला तोड़ सकता है और करोड़ों रुपये की दवा चुरा सकता है। इसके बावजूद इसकी सुरक्षा के लिए कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। ऐसा तब है जब जगाधरी गेट स्थित पशु चिकित्सालय का मुख्य गेट तक नहीं है। ऐसे में यहां बाहरी लोग गाड़ी खड़ी कर देते और रात के समय परिसर में नशेड़ियों को जमावड़ा रहता है। अस्पताल का स्टाफ अगर किसी नशेड़ी को परिसर में आने से मना करता है तो लड़ाई-झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं। जिस परिसर में यह वेयरहाउस बना है वहां जिला पशु चिकित्सालय के प्रभारी, पशु चिकित्सक और स्टाफ भी खंडहर में ही पशुओं का उपचार कर रहे हैं, जबकि पांच वर्ष पहले इस भवन को विभाग ने खंडहर घोषित कर गिराने के निर्देश दे दिए थे।
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वेयरहाउस में दरवाजे सड़े, ताले भी हल्के



सिटी के जगाधरी गेट स्थित पशुपालन विभाग का पशु चिकित्सालय है। इस भवन में चिकित्सकों के कक्ष, लैब और दवा का वेयरहाउस है। इस वेयरहाउस से पंचकूला, करनाल, अंबाला, यमुनानगर, कैथल के लिए पशुओं की दवा सप्लाई होती है। हैरानी की बात है कि करोड़ों रुपये की दवा की सप्लाई के लिए एक खंडहर वेयरहाउस का प्रयोग किया जा रहा है, जिसके लकड़ी के दरवाजे सड़ने के कारण कमजोर हो गए हैं, दरवाजे हिलने लगे हैं और दरवाजों पर ताला भी काफी हल्का लगाया हुआ है। यह वेयरहाउस पूरी तरह से खंडहर में तब्दील हो चुका है। इसे बनाने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया।

परिसर का मुख्य गेट ही तोड़ा, खड़े होते हैं वाहन



पशु चिकित्सालय में सिर्फ एक लैब ही नए भवन में है। इसके अलावा पूरे परिसर में खंडहर भवन में यहां पशुओं का उपचार किया जा रहा है। यहां तक कि किसी ने कुछ समय पहले पशु चिकित्सालय परिसर के मुख्य गेट को ही तोड़ दिया, जिससे यहां की सुरक्षा अब राम भरोसे है। स्थानीय लोगों की या बाजार में आने वाले लोग चिकित्सालय परिसर में अपनी गाड़ी खड़ी कर जाते हैं, जो रात्रि तक खड़ी रहती हैं। स्टाफ का कहना है कि अगर वह किसी से मना करते हैं तो लोग उनसे झगड़ा करने लगते हैं।
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नशेड़ियों का भवन परिसर में कब्जा



सुबह 9 बजे से लेकर दो बजे तक ओपीडी के समय तक तो स्टाफ परिसर में रहता है। उस समय तक तो यहां सिर्फ लोग गाड़ी खड़ी करने आते हैं। इसके बाद परिसर में वेयरहाउस और पशु चिकित्सालय के पास नशेड़ियों का कब्जा रहता है। रात को शराब का सेवन करने वाले लोग भी इस परिसर का उपयोग करते हैं। क्योंकि कुछ कक्ष ऐसे हैं जिनमें दरवाजे तक नहीं हैं। इस कारण से ड्रग्स लेने वाले भी कई बार यहां पर आश्रय ले लेते हैं।

दीवारें जर्जर, गिर रहा प्लास्टर



यहां पर पशु चिकित्सालय के प्रभारी जर्जर भवन के कक्ष में बैठे हैं। उनके आसपास की दीवारें और छत जर्जर हो चुकी है और प्लास्टर गिर रहा है। कई स्थानों पर तो गंभीर दरारें आ गई हैं। वहीं स्टाफ भवन की लॉबी में बैठकर उपचार दे रहा है। यहां पर बाहर एक मेज लगा दी है जिस पर पशुओं को लिटाकर उपचार दिया जाता है।



पशु चिकित्सालय क्यों है महत्वपूर्ण

अंबाला सिटी में स्थित यह पशु चिकित्सालय काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहां पर पशुपालन विभाग ने अत्याधुनिक लैब स्थापित है, जिससे पशुओं के रक्त, मल मूत्र आदि की जांच की सुविधा है। यहां से पांच जिलों को दवाओं की सप्लाई होती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्र की तुलना में शहर से लोग यहां अपने पालतू जानवरों को उपचार के लिए लेकर आते हैं, इसके साथ ही जंगली जानवरों के घायल होने पर भी संस्थाएं यहां पर पशुओं का उपचार कराने लाते हैं।



खंडह घोषित भवन को गिराने के दिए थे निर्देश
पशु चिकित्सालय के भवन को पांच साल पहले विभाग ने खंडहर घोषित कर गिराने के निर्देश दे दिए थे। इसके बाद यहां पर नया भवन बनाने को दो साल पहले करीब 40 लाख रुपये पशु पालन विभाग से पीडब्ल्यूडी के पास आ गए थे। मगर अभी तक निर्माता एजेंसी पीडब्ल्यूडी ने इस भवन को बनाने के लिए एक ईंट तक नहीं लगाईं।





नए भवन के लिए फंड तो पहले आ गया था पर इसके निर्माण में एक समस्या थी। पीडब्ल्यूडी का कहना था कि जर्जर भवन को तोड़कर दें तब वह निर्माण करेंगे इस पर पशुपालन विभाग को आपत्ति थी कि अगर भवन तोड़ देंगे तो चिकित्सालय कहां चलाएंगे। अब इस पर पीडब्ल्यूडी के साथ बात बन गई है, वह परिसर में खाली जगह में भवन बनाएंगे। इसके बाद भवन को तुड़वाया जाएगा। नए भवन के लिए आर्किटेक्ट के यहां फाइल गई है। जल्द इसका निर्माण शुरू हो जाएगा।
डॉ. अनिल, जिला उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

जर्जर पशु चिकित्सालय में जानवरों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद- फोटो : photo

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