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मरीजों के हिस्से की दवाइयां हुईं एक्सपायर, अंबाला में फेंकी

Mon, 01 Feb 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला अंबाला
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आंधप्रदेश सरकार को सप्लाई की जाने वाली हजारों की संख्या में दवाएं एक्सपायर हो गई। इन दवाओं की खेप को अंबाला में लाया गया और फिर जब पकड़े जाने की गड़बड़ी का अहसास हुआ, तो इन दवाओं की खेप को सिटी के बरनाला इलाके पास फेंक दिया गया। इलाकावासियों ने जब इन दवाओं की खेप देखी, तो वे भी घबरा गए। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत पुलिस और स्वास्थ्य महकमे को दी। दवाएं देखकर सेहत विभाग भी टेंशन में हैं। फिलहाल इसकी शिकायत इलाका पुलिस में दर्ज करवा दी गई है और अब ये पता लगाया जा रहा है कि आखिरकार आंधप्रदेश सरकार को सप्लाई होने वाली ये दवाएं अंबाला क्यों लाई गई? उधर, इस संबंध में सीएमओ डा. विनोद गुप्ता की शिकायत पर पुलिस ने भी जांच शुरू कर दी है।
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बड़े घोटाले की आशंका, सेहत महकमा करवाएगा जांच
दरअसल, आंधप्रदेश सरकार को सप्लाई होने वाली इन दवाओं में हजारों की संख्या में शीशी, स्ट्रिप व अन्य प्रकार की डिब्बियां है। जिनमें लाखों की संख्या में टेबलैट मौजूद हैं। इन दवाओं पर साफ लिखा है 'फॉर आंध्र प्रदेश गवर्नमेंट सप्लाई, नॉट फॉर सेल...। इन दवाओं को हिमाचल के बद्दी, नालागढ़, सिरमौर स्थित एक फार्मा कंपनी ने तैयार किया था। यानी साफ है कि इन दवाओं को आंधप्रदेश सरकार को सप्लाई की जानी थी, लेकिन इस पूरे मामले में एक बड़े घोटाले की आशंका सामने आ रही है, क्योंकि ये दवाएं वर्ष 2014 में ही एक्सपायर हो गई थी। जब दवाएं 2014 में एक्सपायर हो गई थी, तो दो साल तक इन दवाओं को कहां छिपाकर रखा गया? आंध्रप्रदेश सरकार ने समय रहते इन दवाओं का इस्तेमाल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बांटने में क्यों नहीं किया? अब दो साल बाद आंध्रप्रदेश सरकार को सप्लाई करने वाली ये दवाएं आखिरकार अंबाला में कैसे पहुंच गई? अंबाला में  इन दवाओं का क्या किया जाना था? क्या फार्मा कंपनी ने ही मिलीभगत के चलते समय रहते इन दवाओं को आंधप्रदेश में सप्लाई नहीं किया और अब इन्हें नष्ट करने के लिए यहां लाया गया? या फिर इन दवाओं को रीस्ट्रिपिंग (एक्सपायरी डेट व बैच नंबर में हेरफेर करना) के लिए लाया गया था? कुछ ऐसे ही सवालों का जवाब सेहत महकमा और पुलिस जुटाएगी। उधर, सीएमओ ने इतनी भारी मात्रा में दवाओं के मिलने के मामले में बड़े घोटाले की ओर इशारा किया है, क्योंकि एक्सपायर हुई दवाओं की ये खेप एक गवर्नमेंट सप्लाई थी।
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मरीजों के साथ हुआ खिलवाड़
हालांकि दो साल पहले आंधप्रदेश सरकार को सप्लाई की जाने वाली दवाओं की भारी खेप का अंबाला में मिलना, एक बड़े घोटाले की ओर तो इशारा कर रहा है, लेकिन इस सारे में आंधप्रदेश के मरीजों के साथ भी खिलवाड़ हुआ है। दरअसल, इन दवाओं को आंध्रप्रदेश के सरकारी अस्पतालों के जरिए मरीजों को मुफ्त या सस्ते दामों पर उपलब्ध करवाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इन दवाओं को कई छिपाकर, तब तक रखा गया, जब तक वे एक्सपायर न हो जाएं। अब जब इन दवाओं को एक्सपायर हुए भी दो साल बीत चुके हैं, तो इन दवाओं को अंबाला लाया गया।
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आंध्र प्रदेश सरकार के लिए बनी दवाएं मैदान में बिखरी मिली हैं। यह दवाएं वर्ष 2014 में एक्सपायर हो चुकी हैं, जो कई सवाल खड़े कर रही हैं। इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी गई है। स्वास्थ्य महकमा भी इस बारे में जांच करेगा कि आखिरकार ये दवाएं अंबाला कैसे पहुंच गई? फिलहाल इन दवाओं को नष्ट करने के लिए अपने कब्जे में ले लिया गया है। जांच के लिए कुछ दवाओं को रखने के बाद इस खेप को नष्ट करवाया जाएगा।
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- डा. विनोद गुप्ता, सीएमओ अंबाला
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एक्सपायरी डेट की दवाएं गांव बरनाला के पास दशहरा मैदान से बरामद हुई हैं। इस संबंध में सीएमओ द्वारा शिकायत दी गई है, जिस पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
- दीपक कुमार, एसएचओ पंजोखरा थाना
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