अंबाला सिटी: अस्पताल में बच्चों की लगी लंबी लाईन। - संवाद।
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गृहमंत्री अनिल विज के जिला नागरिक और छावनी नागरिक अस्पताल दोनों में अलग-अलग नियम चल रहे हैं। शहर में मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के लिए विद्यार्थियों को कोरोना टेस्ट की प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है तो छावनी में नाम पूछकर कागज के टुकड़े पर ठप्पा लगाकर सर्टिफिकेट वितरित किए जा रहे हैं। दोनों ही प्रक्रियाओं में विद्यार्थियों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि छावनी में अस्पताल में लंबी लाइन होने के कारण उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ रही है। शहर की बात करें तो यहां पर पहले कोरोना टेस्ट करवाने के लिए उन्हें जद्दोजहद करनी पड़ रही है तो फिर रिपोर्ट के लिए। इस तरह मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट के लिए दो-दो दिन धक्के खाने पड़ रहे हैं। क्योंकि विभागीय आदेशों के अनुसार कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही उन्हें सर्टिफिकेट जारी किए जाएंगे।
उधर, सिविल सर्जन ने साफ निर्देश जारी किए हैं कि बिना कोरोना टेस्ट के कोई सर्टिफिकेट जारी नहीं किए जाएं। इसके बावजूद छावनी में यह आदेश मान्य नहीं हो रहे। ऐसे में सीएमओ ने अब साफ किया है कि यदि ऐसा करने के बाद कोई बच्चा स्कूल में संक्रमित पाया गया तो सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टर पर कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि छावनी अस्पताल से पिछले तीन दिनों में 800 से ज्यादा बच्चों को हेल्थ सर्टिफिकेट जारी हो चुके हैं।
एहतियात के तौर पर ही मैंने आदेश दिए हैं कि बच्चों की कोरोना जांच कर लो। अगर फिर भी कोई डॉक्टर बिना कोरोना जांच के बच्चों को हेल्थ रिपोर्ट दे रहा है और बाद में वह बच्चा संक्रमित पाया जाता है तो उस डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डॉक्टर कुलदीप सिंह, सीएमओ, अंबाला।