अंबाला। ओलंपिक और एशियन खेलों में लगातार बढ़ रहे एथलेक्टिस खिलाड़ियों के पदक युवाओं में जोश भरने का काम कर रहे हैं। कोई नीरज चोपड़ा को रोल मॉडल मानकर भाला फेंक रहा है तो कोई ऊंची कूद में पदक लाने के लिए पसीना बहा रहा है।
यही कारण है कि लगातार एथलेक्टिस के खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बॉक्सिंग और जिम्नास्टिक खेलों की अपेक्षा अंबाला सिटी के राजीव गांधी खेल स्टेडियम में चल रही खेल विभाग की अकादमी में इन खिलाड़ियों की संख्या बढ़ रही है। मौजूदा समय में कुल 40 खिलाड़ी मैदान में सुबह और शाम को पसीना बहा रहे हैं। सभी का एक ही सपना है कि वह एथलेक्टिस में बेहतरीन प्रदर्शन कर अंबाला का नाम चमकाना चाहते हैं।
बचपन से है दौड़ लगाने का शौक
सेक्टर-9 निवासी अर्श ने बताया कि एक साल पहले ही एथलेक्टिस में जाने का मना बना लिया था। बचपन से दौड़ लगाने का शौक है तो 100 मीटर दौड़ की तैयारी शुरू कर दी है। पदक लाकर मां-बाप का नाम रोशन करना है।
किड्स स्टेट चैंपियनशिप में झटके पदक
बलदेव नगर निवासी 10 वर्षीय रितु ने बताया कि वह दो साल से लंबी कूद का प्रशिक्षण ले रही है। लगातार एथलेक्टिस में पदक आने से जोश बढ़ता है। वह खुद भी 2024 को सोनीपत में हुई किड्स स्टेट चैंपियनशिप में सिल्वर तो फरवरी 2025 में हुई नॉर्थ जोन किड्स चैंपियनशिप सिल्वर पदक हासिल कर चुकी है।
नीरज चोपड़ा को मानता हूं रोल मॉडल
अंबाला कैंट की आनंद विहार कॉलोनी निवासी 19 वर्षीय युवराज ने बताया कि वह पांच साल से भाला का प्रशिक्षण ले रहा है। नीरज चोपड़ा को रोल मॉडल मानकर बाल रखे हुए है और उन्हीं की तरह मैदान में प्रशिक्षण लेता हूं। नेशनल लैवल पर पदक हासिल कर चुका हूं। एशियन और ओलंपिक तक जाने का सपना है।
बैडमिंटन छोड़कर एथलेक्टिस में आई
अंबाला सिटी सेक्टर-9 निवासी 14 वर्षीय अग्रिमा ने बताया कि वह पहले बैडमिंटन की खिलाड़ी थी। चार माह से एथलेक्टिस में आई हूं। 100 मीटर दौड़ का प्रशिक्षण ले रही हूं। जल्द ही नेशनल खेलने जाउंगी।
चार साल से शॉटपुट का प्रशिक्षण
सेक्टर-10 निवासी 18 वर्षीय दिव्या ने बताया कि वह पिछले चार साल से शॉटपुट का प्रशिक्षण ले रहा है। तीन बार हरियाणा एथलेक्टिस में एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किए हैं। साथ ही नॉर्थ जोन एथलेक्टिस चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया है।
अबकी बार पदक की पूरी तैयारी
सिटी के दुर्गा नगर निवासी 16 वर्षीय मोहित ने बताया कि वह 400 मीटर दौड़ का प्रशिक्षण ले रहा है। दो बार स्टेट में स्वर्ण व कांस्य पदक हासिल कर चुका हूं। इसके अलावा दो बार नेशनल भी खेल चुका है लेकिन पदक से चूक गया था। अबकी बार पदक लाने की पूरी तैयारी है।
पहले की अपेक्षा बढ़ रहे पदक
करीब 40 खिलाड़ी रोजाना प्रशिक्षण ले रहे हैं। लगातार एथलेक्टिस के प्रति युवाओं का रुझान बढ़ता जा रहा है। पिछले सालों की अपेक्षा लगातार पदकों की संख्या भी बढ़ती जा रही है।
तेजवीर, कोच, एथलेटिक्स
मोहित- फोटो : kathua
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