विजिलेंस ने शहर में एक प्रापर्टी की म्यूटेशन कराने के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में म्यूनिसिपल कारपोरेशन सिटी जोन के कर अधीक्षक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विजिलेंस ने कर अधीक्षक को काबू करने के लिए वीरवार को भी एमसीए दफ्तर में छापामारी की। लेकिन कर अधीक्षक नहीं मिला।
विजिलेंस की इस कार्रवाई के खिलाफ एमसीए के सभी कर्मचारी लामबंद हो गए और कामकाज ठप कर ईओ कार्यालय के सामने धरना पर बैठ गए। सफाई कर्मियों ने भी ट्विनसिटी की सफाई व्यवस्था शुक्रवार से ठप करने की चेतावनी भी दी। कर्मचारियों की इस हड़ताल से एमसीए में आने वाले लोगों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ा।
कर अधीक्षक पर रिश्वत मांगने का आरोप
विजिलेंस को दी शिकायत में खतरवाड़ा के एक शिकायतकर्ता अश्वनी कुमार ने बताया कि उसकी पत्नी की बुआ उनके पास घर में रहती थी और उनका कोई वारिस नहीं था। वह उसकी पत्नी को ही अपनी बेटी मानते थे और उसके नाम उसने रजिस्टर्ड वसीयत भी करवा रखी है। प्रापर्टी की म्यूटेशन पत्नी के नाम करने के लिए उन्होंने चार माह पूर्व एमसीए की कर शाखा में अर्जी दी थी और सारी औपचारिकताएं पूरी भी करवाई। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां कर अधीक्षक ने उससे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।