संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर में अवैध कॉलोनियों और उनमें रजिस्ट्री करवाने का कारोबार अधिकारियों के भ्रष्टाचार के चलते फल-फूल रहा है। मंगलवार को मेयर शैलजा संदीप सचदेवा ने नगर निगम अधिकारियों पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आम आदमी अपने जीवनभर की पूंजी इस तरह के प्लॉट में लगाकर उसके बाद कभी एनडीसी के नाम पर कभी नक्शा पास करने के नाम पर इस भ्रष्टाचार का आए दिन शिकार होते हैं।
अवैध कॉलोनियों की सूची हाउस की बैठक तक नहीं पहुंचीं
पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा की आम जनता को इसी तरह के उत्पीड़न से बचाने के लिए पॉलिसी लाकर अवैध कॉलोनी को वैध करने की गाइडलाइन बनवाई थी और हर जिले में अवैध कॉलोनियों की सूची मंगवाकर उन्हें विधानसभा में वैध करने के लिए पास किया था। अंबाला शहर में राजनीतिक दबाव के चलते अभी तक इस तरह की काॅलोनियों की सूची नगर निगम के अधिकारी हाउस की बैठक में नहीं रख पाए, मेयर के बार-बार जानकारी मांगने पर जानकारी न देना इस बात का सबूत है कि अधिकारी इस मामले को लेकर संजीदा नहीं है और चाहते हैं कि नगर निगम में वैध अवैध के नाम पर और एनडीसी के नाम पर, आम जनता का उत्पीड़न और लूट चलती रहे।
निगम आयुक्त को कई बार लिखा गया पत्र, नहीं मिली सूची
नगर निगम मेयर शैलजा संदीप सचदेवा ने शहर के लोगों को वैध अवैध कॉलोनी के चक्कर से छुटकारा दिलाने के लिए अब जिला टाउन प्लानर कार्यालय का रुख किया है। मेयर सचदेवा ने कहा कि नगर निगम आयुक्त को बार-बार पत्र लिखा गया, लेकिन आयुक्त कार्यालय की ओर से शहर नगर निगम क्षेत्र में आने वाली वैध और अवैध कॉलोनी की सूची मांगे जाने पर अभी तक नहीं दी गई। इस संदर्भ में आयुक्त को 15 मई, 30 मई, 15 अक्तूबर और 27 अक्तूबर को लिखा था, जिसमें नगर निगम आयुक्त को कहा था कि इस विषय पर उनकी चर्चा हरियाणा के निकाय मंत्री विपुल गोयल से भी हुई है, मगर जानकारी न मिलने पर अब जिला टाउन प्लानर का रुख किया है।