अंबाला सिटी। मेयर सैलजा सचदेवा का कार्यालय करीब दो माह बाद भी तैयार नहीं हुआ। बुधवार को मेयर निगम की सफाई शाखा में पहुंची और वहां बैठकर दो घंटे समस्याएं सुनीं। वह दो घंटे तक निगम अधिकारियों का इंतजार करती रहीं, लेकिन अधिकारी नहीं पहुंचे।
मेयर सैलजा सचदेवा ने सफाई शाखा में मौजूद अधिकारी से 13 सवाल पूछे और उन सवालों की सूची उनको सौंपते हुए रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए। मेयर सैलजा सचदेवा ने संयुक्त आयुक्त अदिति को भी यह पत्र सौंपा। मेयर सचदेवा ने सफाई शाखा अधिकारियों से यह भी पूछा कि उन्होंने कमल विहार, मंजी साहिब गुरुद्वारा क्षेत्र में निरीक्षण किया था, लेकिन यहां सफाई नहीं है। मेयर को फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी राहुल ने भी सफाई कर्मचारी न आने की शिकायत रखी।
मेयर ने कहा कि उन्होंने सर्च अभियान चला रखा है, हम कभी अधिकारी ढूंढते हैं तो कभी नाले। उन्होंने यह भी कहा कि निगम से कर्मचारी भी नदारद हैं और शिकायत भी। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि समस्या होने पर वह निगम में शिकायत दें, क्योंकि निगम अधिकारी कहते हैं कि उनके पास सफाई के संबंध में शिकायत नहीं आती।
मेयर ने सौंपी सवालों की सूची, मांगा जवाब
- घर-घर से कूड़ा एकत्रित करने के लिए कितने नियमित और संविदा आधारित कर्मचारी हैं। टेंडर में दर्शाए अनुसार कितने कर्मचारी कार्यरत हैं। क्षेत्र अनुसार ईपीएफ व ईएसआई सहित जानकारी दें।
- निगम क्षेत्र में कुल कितने सार्वजनिक शौचालय हैं। इनकी सफाई के लिए कितने कर्मचारी हैं, कितनी अर्थमूविंग मशीन हैं।
- जिन नालों की सफाई के लिए निगम की ओर से टेंडर जारी किए गए हैं। उनके नाम स्थान टेंडर की राशि कार्यवधि एवं ठेकेदार का नाम दिए जाएं।
- कचरा संग्रहण में कुल कितने वाहन कार्यरत हैं। कितनों में जीपीएस लगा है। रोजाना कितना कूड़ा उठता है।
- निगम को कितने वार्ड में विभाजित किया गया है। प्रत्येक वार्ड में कितने सेनिटेशन कर्मचारी और दारोगा नियुक्त हैं।
- रोजाना औसतन कितनी मात्रा में ठोस अपशिष्ट एकत्रित किया जाता है। इसकी पूरी जानकारी दी जाए।
- सफाई संबंधित शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया क्या है। कुल प्राप्त शिकायतों में से कितनी का समाधान हुआ।
- सफाई कर्मचारियों को मास्क, दस्ताने, सेफ्टी बूट सुरक्षा उपकरण नियमित रूप से प्रदान किए जाते हैं। उसकी जानकारी दी जाए।
- निगम में कुल कितने ट्रैक्टर-ट्रॉली वाहन हैं। प्रतिदिन इन पर औसतन कितना डीजल खर्च होता है।
- निगम की ओर से अब तक पानी निकासी के लिए कितने पंप लगाए गए हैं।
- कुल कितनी फोगिंग मशीन उपलब्ध हैं। कितनी कार्यरत हैं।
- नौरंगराय तालाब में लगाया गया पंप कितने घंटे चलता है। प्रतिदिन औसतन कितना पानी निकलता है।
- सुपर सकर मशीनों से एकत्रित अपशिष्ट को कहां खाली किया जाना हैं।
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बिल पास न होने पर धरने पर बैठे बुजुर्ग
बाइंडिंग करने पर मजदूरी नहीं मिलने पर एक बुजुर्ग जन्म और मृत्यु कार्यालय के विरोध में निगम के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। बुजुर्ग का बिल निगम में पास नहीं होने के कारण दो महीने से उनकी 12 हजार रुपये की रकम रुकी हुई थी। जैसे ही यह मामला मेयर शैलजा सचदेवा के संज्ञान में आया तो उन्होंने बुजुर्ग को सफाई शाखा में बुलाया। वह सफाई शाखा में बैठकर समस्याएं सुन रहे थे। साथ ही संबंधित ब्रांच के अधिकारियों को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने निगम अधिकारियों को बुजुर्ग को 12 हजार का भुगतान करने के निर्देश दिए गए। पांच मिनट में ही मेयर ने उनका भुगतान करवाया। बुजुर्ग को पैसे मिलते ही उनकी आंखों में आंसू आ गए और वह भावुक हो गए। मेयर ने बुजुर्ग को चुप करवाते हुए उनकी मेहनत को लेकर सरहाना की।