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Ambala News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद

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- लड़की को बहाने से अपने घर पर बुलाकर की थी वारदात
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संवाद न्यूज एजेंसी

अंबाला सिटी। 9वीं कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म करने के दोषी शिवम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने पीड़िता को चार लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश जारी किए हैं। इस मामले में अदालत ने कहा कि दोषी ने एक मासूम के साथ जघन्य अपराध किया है, जो किसी भी तरह की नरमी का हकदार नहीं है। अदालत ने उसे पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) के तहत 20 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये अर्थदंड। अर्थदंड न भरने पर दो महीने की अतिरिक्त कैद की सजा काटनी होगी। इसके अलावा गलत तरीके से बंधन बनाने की धारा 342 में एक महीने की कैद, धमकाने की धारा धारा 506 में एक साल की सजा सुनाई गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।



वर्ष 2023 में दर्ज की गई थी प्राथमिकी

मामला 17 जुलाई 2023 का है। दोषी शिवम ने पीड़िता (उम्र लगभग 14 वर्ष) को बहाने से अपने घर बुलाया था। जब पीड़िता वहां पहुंची, तो उसने घर के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया और उसे ऊपर के कमरे में ले गया। वहां उसने पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता को डराया-धमकाया और किसी को बताने पर धमकी दी। जब पीड़िता घर नहीं पहुंची तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। बाद में परिजनों ने दरवाजा तोड़कर और दीवार कूदकर पीड़िता को आरोपी के घर से बाहर निकाला। 18 जुलाई 2023 को थाना पड़ाव में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी को 19 जुलाई 2023 को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायाधीश ने पीड़िता को हुए मानसिक और शारीरिक कष्ट को देखते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को पीड़िता को 4 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इसमें से 50 फीसदी राशि तुरंत दी जाएगी, जबकि शेष 50 फीसदी राशि पीड़िता के नाम पर एफडीआर के रूप में जमा की जाएगी, जो उसे 21 वर्ष की आयु पूरी होने पर मिलेगी।
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11 गवाहों को सुना गया



मामले को साबित करने के लिए अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित 11 गवाहों की गवाही कराई। इनमें पीड़िता, पीड़िता की मां, चिकित्सा अधिकारी, जांच अधिकारी आदि प्रमुख रूप से शामिल थे। अदालत ने पीड़िता की गवाही को विश्वसनीय माना, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से बताया कि दोषी ने उसे अपने घर में बंद किया और उसके साथ दुष्कर्म किया। डॉक्टर की रिपोर्ट और पीड़िता के बयान में समानता पाई गई, जिससे शारीरिक शोषण की पुष्टि हुई। पीड़िता को आरोपी के घर से बरामद किया गया था। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर और दीवार फांदकर पीड़िता को वहां से निकाला था, जो आरोपी की संलिप्तता को पुख्ता करता था।
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