किराएदार बनकर शहर रामनगर की 60 वर्षीय राजबाला, 40 साल की बहू अंजली तथा माजरी की नौकरानी से 15 तोला सोने के आभूषण तथा 25 हजार लूटने का मामला सुलझने की उम्मीद नजर आ रही है। पहले पुलिस बदमाशों द्वारा प्रयोग किए गए विदेशी मोबाइल नंबर के वाट्सएप पर निर्भर थी लेकिन अब वारदात में शामिल महिला डकैत का स्कैच तैयार हो गया है। भुक्त भोगियों द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर बनाए गए स्कैच में आरोपी महिला 25 से 30 साल के बीच की है। पहचान के लिए यह हुलिया साइबर सेल के माध्यम से देशभर की पुलिस को भेज दिया है ताकि जहां भी ये महिला रहती हो, उसकी पहचान मिले सके और केस जल्द सुलझाया जा सके। इसके अलावा अंबाला पुलिस ने प्रदेश भर की सीआईए टीमों के माध्यम से ऐसा डॉटा एकत्रित किया है। इसमें वे अपराधी शामिल हैं जोकि पूर्व में हुई इस प्रकार की पुरानी वारदातों में शामिल रहे तथा इस समय पैरोल या जमानत पर जेल से बाहर हैं। बृहस्पतिवार की घटना को सुलझाने के लिए कोतवाली पुलिस के अलावा सीआईए व डिटेक्टिव स्टाफ की तमाम टीमें एकजुट होकर काम कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार घटना के चार दिन बाद तक पुलिस ने डकैती की शिकार हुई तमाम महिलाओं के माध्यम से डकैतों का हुलिया बार-बार पूछा। उनके बताए अनुसार कई बार स्कैच तैयार किया। कई कमी-पेशियां बताई गईं लेकिन अंत में जो हुुलिया सामने आया। उसपर सबने अपनी सहमति जता दी। क्योंकि किराएदार बनकर आईं महिला को ही सबने बार-बार देेखा था, इसलिए सबकी नजर उसी पर टिकी।
5 का हुलिया नहीं कर पाया कोई नोट
इसके अलावा उसका पति, मौसी की बेटी व चार अन्य डकैत ज्यादातर वारदात के समय ही दिखे थे, इसलिए कोई उनका हुलिया नोट नहीं कर पाया।
ऐसे हुई वारदात
24 सितंबर को किराएदार बनकर आए साहिल व वंदना नामक दंपती ने राजरानी को प्रथम तल पर बने टू रूम सैट का 2 हजार एडवांस दिया। सुबह एक बेड, सिलेंडर तथा डैक कमरे में रख दिया। 9 अक्टूबर को महिला ने साथ आई महिला को मौसी की लड़की बताया। अगली सुबह गृहप्रवेश के लिए प्रशाद बनाने के बहाने पहले बहू, फिर सास को कमरे में बुलाकर बुरी तरह पीटा, नाड़े व चुन्नी से बांधकर स्टोर में फेंक दिया। आवाज बाहर न जाए, इसके लिए डैक की आवाज बढ़ा दी। नौकरानी को भी ऐसे ही झांसे मे लिया। पिस्तौल तानकर अलमारी की चाबी पूछकर वारदात की।
स्कैच तैयार, पहचान के प्रयास जारी
कोतवाली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार, सीआईए वन इंस्पेक्टर केवल सिंह के अनुसार डकैतों के स्कैच तैयार हो चुके हैं। इन्हें प्रदेश भर की पुलिस के पास भेजा जा चुका है। इसके अलावा ऐसी वारदातों में शामिल रहे बदमाशों का डॉटा एकत्रित किया जा चुका है। उनमें शामिल रहे और पैरोल व जमानत पर छूटे आरोपियों पर निगाह रखी जा रही है। ज्यादा समय तक यह मामला अनसुलझा नहीं रहेगा।