शराब ठेके के दरवाजे पर बोतलें लेने के लिए खड़ा ग्राहक। संवाद
शहजादपुर। लोक सभा चुनाव के चलते चुनाव आयोग ने 48 घंटे के लिए ड्राई डे घोषित किया था, जोकि 23 मई शाम छह बजे से 25 मई शाम छह बजे तक का था। इस दौरान कहीं पर भी शराब की बिक्री करना अवैध करार दिया गया था, लेकिन चुनाव आयोग के सख्त आदेशों के बावजूद शहजादपुर में शराब के एक ठेके पर बेखौफ शराब की बिक्री होती दिखी।
जहां शराब ठेके पर काम करने वाला कर्मचारी ग्राहक आने पर सरेआम ठेका खोलकर शराब बेचता देखा गया। मामला शहजादपुर के साथ लगते पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीबीपुर मोड़ के नजदीक स्थित शराब के ठेके का है। जहां पर कर्मचारी ठेके के दरवाजे पर ताला लगाकर नजदीक ही साइड में बैठा हुआ था।
मामला शनिवार दोपहर लगभग सवा एक बजे के करीब का है। हालात यह देखने को मिले की जब कोई ग्राहक शराब ठेके पर शराब लेने आता तो वह ठेका बंद देखकर नजदीक बैठे व्यक्ति से पूछता है और उसके बाद ठेके का कर्मचारी पूछता है कि क्या लेना है और पैसे ले लेता है।इसके बाद कर्मचारी ठेका खोलकर ग्राहक को आने का इशारा करता है और ग्राहक को उसके द्वारा मांगा गया सामान जोकि शायद बियर की बोतलें होती हैं, दे देता है।
ग्राहक जल्दी से आपने साथ लाए थैले में वो बोतलें डालकर गाड़ी में बैठता है और चला जाता है। इसके बाद कर्मचारी ठेका बंद करके दोबारा नजदीक ही साइड में बैठ जाता है। शहजादपुर में पाबंदी के बाद भी चुनाव के दौरान शराब की बिक्री होना यही बयान करता है कि शायद पाबंदी केवल नाम के लिए थी और जिनकी इस तरह के अवैध कार्य रोकने और कार्यवाही करने की ड्यूटी थी वे लोग शायद देखकर भी अनजान बने हुए थे या फिर महज औपचारिकता अपनाई गई।