अंबाला। ठेकों पर महंगी और बाहर अवैध शराब सस्ती मिलती है। आधे से अधिक मुनाफे के चक्कर में घर-घर शराब बिक रही है। हर मोहल्ले के दो से तीन घरों में शराब मिल जाएगी। यही कारण है कि अवैध शराब बेचने का काम भी काफी फल-फूल रहा था।
जहरीली शराब का सेवन करने के बाद गांव में ऐसा मंजर है कि पांच लोगों की मौत के बाद मातम पसर गया। ये आपबीती यमुनानगर के थाना छप्पर एरिया स्थित सारन गांव निवासी 40 वर्षीय पृथ्वीराज ने बयां की।
उसने दावा किया कि ठेके से उसने भी देसी शराब पी थी और उसकी तबीयत बिगड़ गई। छावनी नागरिक अस्पताल में दाखिल पृथ्वी राज ने कहा कि उसने कम शराब पी होगी। शायद इसलिए बच गया। पृथ्वी ने बताया कि इस जहरीली शराब ने उसके गांव के लोगों को छीन लिया। जो कभी उसे मिल जाते थे और राम-राम होती थी।
बता दें कि पृथ्वीराज की तबीयत बिगड़ने पर शनिवार को परिजन छावनी नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। वह मजदूर है और दो बच्चे हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि गांव में अब अवैध शराब की बिक्री बंद हो गई है। पुलिस पृथ्वीराज के बयान दर्ज कर मामले की गंभीरता से जांच में जुट गई है। पूरी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। संवाद
अभी तक हो चुकी पांच की मौत, चार पर केस
बता दें कि जहरीली शराब से थाना छप्पर के सारन गांव में मौत के अब तक पांच मामले सामने आ चुके हैं। इसमें सारन गांव निवासी 35 वर्षीय अनिल, 45 वर्षीय जगमाल सिंह, 33 वर्षीय प्रदीप, 70 साल के अजमेर और 45 साल के परमजीत शामिल हैं। इसके अलावा थाना छप्पर पुलिस ने मृतक जगमाल सिंह के बेटे मोहित की शिकायत पर गांव में अवैध रूप से शराब बेचने के आरोप में राजकुमार उर्फ बबली, नरेश कुमार उर्फ कुबा, राजेश कुमार और राधेश्याम पर केस दर्ज है।
वर्जन
जहरीली शराब पीने से मौत के तो मामले आ चुके हैं लेकिन बीमार होने का मामला पहला है। इसलिए मामले की गंभीरता को देखते हुए पृथ्वीराज के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
इंस्पेक्टर बलबीर सिंह, थाना छप्पर प्रभारी।