शुगर मिल द्वारा करोड़ों की बकाया पेमेंट लेकर धरने पर बैठे किसानों के टैंट की बिजली सप्लाई ही काट दी गई है। इससे किसानों में जहां रोष है, वहीं साफ कह रहे हैं कि जब तक पेमेंट जारी नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा। फिलहाल किसान खनन, भू विज्ञान और अक्षय ऊर्जा राज्य मंत्री नायब सैनी के गांव मिर्जापुर में नौ दिनों से धरने पर बैठे हैं। बाद में बिजली निगम के कर्मचारियों ने बिजली आपूर्ति को बहाल कर दिया। उनका कहना है कि उन्होंने बिजली का तार नहीं काटा था वो तो किसी खराबी के कारण सप्लाई बंद हो गई थी। उल्लेखनीय है कि शुगर मिल, नारायणगढ़ पर सैकड़ों किसानों का करीब 45 करोड़ रुपये बकाया है। इसलिए किसान कई महीने से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। मिल प्रबंधन से जहां कई बार बातचीत हुई, वहीं हाईवे तक भी जाम कर दिया। अब पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी खुलकर किसानों के समर्थन में आए गए हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने पास के गोगा मेड़ी से बिजली ले रखी थी। उनका धरना शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है, जबकि अब उनको परेशान करना शुरू कर दिया गया है। किसानों ने बताया कि धरनास्थल पर जो बिजली की व्यवस्था थी, वह अब काट दी गई है। किसानों का कहना है कि एक तो उनके हक की कमाई नहीं दी जा रही, वहीं दूसरी ओर शांतिपूर्वक धरना दे रहे किसानों को तंग किया जा रहा है, ताकि किसान धरना समाप्त कर दें। जिस तरह से बिजली काटी गई है, उससे किसानों के लिए रात के समय खतरा बढ़ गया है। कोई भी जहरीला जीव काट सकता है, जिससे धरने पर बैठे किसानों को खतरा है।
धरनास्थल पर बिजली की सप्लाई दुरुस्त करने के अधिकारियों से बात की गई थी, लेकिन इसका हल नहीं किया गया। अब किसानों को परेशान किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा जब तक मिल प्रबंधन किसानों के गन्ने की पाई-पाई का भुगतान नहीं कर देता। -रूप सिंह बख्तुआ, जिला प्रधान, भारतीय किसान यूनियन।