अंबाला सिटी। सेक्टर 9 स्थित अग्रवाल भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन साक्षी गोपाल ने कथा के श्रवण का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि अगर जीव को मुक्ति प्राप्त करनी है और भगवत धाम को प्राप्त करना है, तो उसे अवश्य ही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करना चाहिए।
इसका श्रवण मन को शांति प्रदान करता है, ज्ञान और भक्ति का उदय करता है और जीवन को सार्थक बनाता है। कथा में भगवान और उनके भक्तों के चरित्र का वर्णन है। भगवान से भी ज्यादा उनके भक्तों की सेवा करने से व्यक्ति को जल्दी आत्म साक्षात्कार हो सकता है। उन्होंने कहा कि चित्रकूट महाराज ने अपने जीवन में अनंत शेष जी की भक्ति करके उन्हें प्रसन्न किया था। परंतु उन्हें फिर भी असुर शरीर प्राप्त करना पड़ा और वृत्तासुर बनना पड़ा। मगर जिन्होंने भी भगवान के भगत का आश्रय लिया उन्हें भगवान ने सहर्ष स्वीकार किया। इनमें प्रह्लाद महाराज, ध्रुव महाराज, व्यास देव इत्यादि भक्त शामिल हैं। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत से हमें भक्ति प्राप्त होती है। भागवत जी के श्रवण से शोक, मोह और भय का नाश होता है।