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Ambala News: फरवरी में बारिश कम, तापमान ने तोड़ा रिकॉर्ड

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अंबाला सिटी। हरियाणा में इस साल फरवरी में सामान्य से 12 फीसद कम बारिश दर्ज की। इस माह में 17.3 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, मगर 15.2 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज की गई।
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अगर पिछले 24 वर्षों की बात करें तो वर्ष 2022 और 2024 में फरवरी में बराबर ही बारिश रिकॉर्ड की गई है, जबकि इससे पहले 2020 और 2021 और 2023 में काफी कम बारिश दर्ज की गई। जिसमें 2023 में तो बिल्कुल बारिश नहीं हुई। ऐसे में फरवरी में इस साल पिछले वर्ष के तुलना में बारिश को लेकर परिवर्तन दिखाई दे रहा है। बीते 24 वर्षों में सबसे अधिक फरवरी में बारिश वर्ष 2007 में 76.3 एमएम और 2013 में 51 एमएम हुई थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग की मानें तो 24 वर्षों में फरवरी में अधिकांश बार सामान्य से कम ही बारिश हुई है।
अधिकतम तापमान की बात करें तो फरवरी माह में अंबाला में 16 और 17 फरवरी को 24.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था, वहीं अंबाला से अधिक हिसार में 19 फरवरी को 29.4 डिग्री सेल्सियस तो करनाल में 26 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हिसार व करनाल के अधिकतम तापमान ने पिछले वर्ष के रिकॉर्ड को तोड़ा है। हिसार में पिछले वर्ष फरवरी माह में सर्वाधिक 26.9 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। वहीं करनाल में 24.7 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया था।
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बीते 10 वर्षों में फरवरी में बारिश की स्थिति
वर्ष बारिश हुई सामान्य बारिश
2015 6.6 -61.9
2016 1.1 -92
2017 0.3 -98
2018 5.0 -70
2019 16.8 -12
2020 6.8 -59
2021 5.2 -70
2022 15.3 -8
2023 0 -99
2024 15.2 -12

अंबाला में बारिश की स्थिति
अंबाला में फरवरी में सामान्य से चार प्रतिशत बारिश कम दर्ज की गई है। यहां सामान्य बारिश 35.2 एमएम होनी चाहिए, मगर 33.7 एमएम ही बारिश दर्ज की गई, हालांकि अंबाला प्रदेश के उन आठ जिलों में शामिल है, जहां फरवरी माह में बारिश ठीक हुई और वह ग्रीन जोन में आते हैं। अंबाला के अलावा हिसार में सामान्य से 11 प्रतिशत कम, करनाल में सामान्य से 17 प्रतिशत कम, कुरुक्षेत्र में सामान्य से नौ प्रतिशत अधिक, पानीपत में सामान्य से 10 प्रतिशत कम, रोहतक में सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक, सोनीपत में सामान्य से पांच प्रतिशत अधिक तो यमुनानगर में सामान्य से 16 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। इन आंकड़ों को देखने से पता चलता है कि जीटी बेल्ट के शहरों में फरवरी माह में बारिश ठीक रही है।
प्रदेश के इन जिलों में कम हुई बारिश
भिवानी में 27 प्रतिशत कम, चरखी-दादरी में 24 प्रतिशत कम, गुरुग्राम में 49 प्रतिशत कम, जींद में 56 प्रतिशत कम, कैथल में 37 प्रतिशत कम, महेंद्रगढ़ में 18 प्रतिशत कम, नूंह में 25 प्रतिशत कम और रेवाड़ी में 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
इन जगहों पर अधिक बारिश हुई
प्रदेश के 22 जिलों में से फरीदाबाद में 55 प्रतिशत अधिक, फतेहाबाद में 22 प्रतिशत अधिक, झज्जर में 61 प्रतिशत अधिक तो पलवल में 66 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई।

आगे ऐसा रहेगा मौसम
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग अध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से 1 मार्च से मौसम में बदलाव आने की संभावना है। जिससे एक मार्च रात्रि से तीन मार्च के दौरान राज्य में बीच-बीच में आंशिक बादल रहने और हवाएं चलने व गरज चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद 4 मार्च से मौसम खुश्क रहने की संभावना है।
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