हरियाणा के अंबाला से शर्मनाक मामला सामने आया है। यहां एक वकील और उसके परिवार को पुलिस ने अवैध रूप से हिरासत में रखा। इसके साथ ही वकील को जूते चटवाए गए। साथ ही निर्वस्त्र कर पंखा चलाया गया। मामले में दो पुलिसकर्मी नामजद किए गए हैं।
अंबाला के मुलाना में घरेलू झगड़े में अधिवक्ता और उनके परिवार को थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखने व अधिवक्ता को निर्वस्त्र कर पंखा चलाने के साथ जूते चटवाने की यातनाएं देने के मामले में दो मुलाजिमों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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अधिवक्ता रितेश की तहरीर पर मुलाना थाना पुलिस ने एएसआई प्रेम पाल और ईएएसआई सतपाल पर बीएनएस की नौ धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। प्राथमिकी में मुलाना थाने के प्रभारी प्रमोद राणा, पुलिसकर्मी आदित्य, एएसआई मनजीत सिंह और पुलिस कर्मियों का जिक्र है।
अन्य मुलाजिमों की संलिप्तता को लेकर डीएसपी बराड़ा सुरेश शर्मा जांच कर रहे हैं इसके लिए सात दिन का समय लिया है। उधर, अंबाला बार एसोसिएशन ने पुलिस मुलाजिमों पर प्राथमिकी दर्ज होने की मांग पूरी होने पर पिछले तीन दिनों से चल रहे कार्य बहिष्कार को खत्म कर दिया और काम पर लौट आए।
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इसके बाद कोर्ट का कामकाज पटरी पर लौट सका।अधिवक्ता रितेश का आरोप है कि घटना के वक्त आरोपी एएसआई प्रेम पाल शराब के नशे में था। 11:30 बजे वह थाने पहुंचे तो मुलाजिमों ने बदतमीजी शुरू कर दी। सभी के फोन लेकर पेंट उतरवाने के बाद सर्दी में पंखा चला दिया। जातिसूचक शब्द कहे। इसके बाद एएसआई प्रीतपाल ने रिवाल्वर निकालकर जबरन अपना जूता चटवाया।