पठानकोट में एयरबेस पर आतंकी हमले के चलते सेना का आपरेशन खत्म होने के बाद रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर पठानकोट पहुंचे, वहां उन्होंने सैन्य आपरेशन की पूरी जानकारी सार्वजनिक की और वहां पठानकोट के शहीद फतेह सिंह के परिवार से भी मिले।
पठानकोट से वापसी में रक्षामंत्री अंबाला कैंटोनमेंट एरिया में आना चाहते थे और यहां अंबाला के गरनाला गांव में शहीद हुए गुरसेवक की शहादत को उसके पैतृक घर पर जाकर नमन करना चाहते थे। लेकिन पठानकोट में ही रक्षामंत्री मनोहर पार्रिकर बहुत ज्यादा लेट हो गए, जिस वजह से रक्षामंत्री, एयरफोर्स प्रमुख अरूण राहा और आर्मी प्रमुख दलबीर सुहाग के साथ सीधे दिल्ली रवाना हो गए।
सूत्रों के अनुसार अंबाला आर्मी अथारिटी के पास मंगलवार सुबह ही ये सूचना पहुंच चुकी थी कि रक्षा मंत्री पठानकोट के लिए दिल्ली से निकल रहे हैं। उसके बाद रक्षामंत्री वापस लौटते वक्त एयरफोर्स और सेना प्रमुखों के साथ अंबाला कैंटोनमेंट एरिया में आएंगें।
यहां पर वह थोड़ी देर रूककर, सीधे गरनाला शहीद के घर भी उसके परिजनों से मिलने जाएंगें। इस सूचना के बाद से ही सैन्य व एयरफोर्स अफसरों ने अपनी तैयारियां पुख्ता कर ली थी। जबकि सिविल पुलिस को भी ये सूचना दी जा चुकी थी। जिसके चलते सिविल पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी।
इतना ही नहीं शहीद कमांडों गुरसेवक के परिजनों तक भी रक्षामंत्री के आने की खबर दी जा चुकी थी। लेकिन देरशाम सेना के पास से मैसेज पहुंच गया कि रक्षामंत्री पठानकोट में लेट हो गए हैं। दरअसल, पठानकोट एयरबेस में ही रक्षामंत्री ने उस इलाके का डेढ़ घंटे तक निरीक्षण किया, जहां ये मुठभेड़ हुई थी।
उसके बाद उन्होंने वहां के अफसरों से पूरे आपरेशन की जानकारी हासिल की। रक्षामंत्री ने उन कारणों को भी जानने का प्रयास किया, जिसके चलते आतंकी एयरबेस में दाखिल हुए और उन्होंने हमारे शहीदों को निशाना बनाया। मौके पर ही निरीक्षण करते हुए मनोहर पार्रिकर ने सुरक्षा में हुई चूक की वजह भी अफसरों से जाननी चाही।
इस तमाम कार्रवाई के दौरान ही काफी समय लग गया, उसके बाद रक्षामंत्री पठानकोट के शहीद फतेह सिंह के परिजनों से भी मिलने पहुंच गए, जिस वजह से उन्हे पठानकोट में ही काफी वक्त लग गया। इसलिए रक्षामंत्री ने अंबाला में आने का कार्यक्रम फिलहाल टाल दिया और वे सीधे दिल्ली निकल गए।
मोहित धुपड़