सांबापुर गांव में अंतिम विदाई के दौरान विलाप करतीं बलिदानी की पत्नी। संवाद
मुलाना। देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुतियां देने वाले वीर सपूत बलिदानी सूबेदार धर्मबीर सिंह को भावभीनी अंतिम विदाई दी गई। शुक्रवार को उनके पैतृक गांव साबांपुर में पूरे सैन्य सम्मान के साथ आयोजन हुआ।
इस दौरान पूरा गांव शोक और गर्व के अनोखे संगम का साक्षी बना। हर आंख नम थी, लेकिन हर दिल अपने वीर सपूत की शहादत पर गर्व से भरा हुआ था। सुबह जैसे ही अंतिम विदाई की रस्में शुरू हुईं, पूरा गांव भारत माता की जय और धर्मबीर सिंह अमर रहे के नारों से गूंज उठा। गांव के बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर अपने वीर सपूत को अंतिम सलाम देने पहुंचे। वातावरण इतना भावुक था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। मौके पर एसडीएम विनेश कुमार, जिला सैनिक बोर्ड के सचिव कर्नल श्योरण, नायब तहसीलदार हरिओम, सरंपच सांबापुर रीना रानी, प्रतिनिधि संदीप कुमार, भाजपा पदाधिकारी रमेश पाल नौहनी, सेना से सेवानिवृत लेफ्टिनेंट दलबीर सिंह व सुरेंद्र सिंह सहित भारतीय सेना व जिला प्रशासन के अन्य अधिकारीगण व ग्रामीण मौजूद रहे। 9 महीने बाद भी नहीं मिला पार्थिव शरीर : 45 वर्षीय बलिदानी धर्मबीर सिंह देश की सेवा करते हुए सिक्किम के लाचेन में 1 जून 2025 को लापता हुए थे।
सांबापुर गांव में अंतिम विदाई के दौरान विलाप करतीं बलिदानी की पत्नी। संवाद