लाडवा निवासी आकाश से संबंधित अमर उजाला में प्रकाशित समाचार। फाइल फोटो
अंबाला सिटी। लाडवा निवासी आकाश की मौत के मामले में पुलिस ने एफआईआर में मुख्य आरोपी गगनदीप सिंह का नाम शामिल नहीं किया है। अंबाला सिटी के नग्गल थाने पहुंचे मृतक आकाश के चाचा अनिल कुमार माटा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस संबंध में थाना प्रभारी से मंत्रणा हुई है कि मुख्य आरोपी का नाम भी एफआईआर में शामिल किया जाए, अन्यथा वो इस मामले को लेकर अंबाला एसपी से गुहार लगाएंगे, वहीं उन्होंने यह भी बताया कि डाक्टरों द्वारा तैयार की गई प्रथम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को भी उनके साथ साझा नहीं किया गया है ताकि मौत के असली कारणों की जानकारी मिल सके। अगर पुलिस ने सही तरीके से मदद नहीं की तो वो एसपी से मिलकर दोनाें समस्याओं के समाधान की मांग करेंगे।
यह था मामला
मृतक आकाश के चाचा अनिल कुमार माटा की शिकायत पर नग्गल थाने में दस लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उन्होंने बताया था कि उनका 31 वर्षीय भतीजा आकाश डेढ़ साल पहले कालका के संजीवनी वेलफेयर सोसायटी के नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती था। इस शाखा को जसपाल सिंह, हरजोत सिंह और उनके रिश्तेदार चलाते हैं। इनकी एक शाखा जिला अंबाला में रसूलपुर गांव में भी है। उनके भतीजे आकाश को कुछ समय पहले कालका से रसूलपुर शाखा में शिफ्ट कर दिया गया और इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी गई। दो अगस्त की रात को लगभग नौ बजे जसपाल सिंह का फोन आया कि आकाश दुर्घटना में घायल हो गया है और उसकी हालत काफी खराब है, इसलिए वो उसे चौड़मस्तपुर की सीएचसी में लेकर जा रहे हैं। सूचना के बाद वो अन्य परिजनों के साथ सीएचसी पहुंच गए, उन्होंने देखा कि आकाश के शरीर पर काफी घाव हैं। आकाश के घाव को देखकर उन्हें ऐसा प्रतीत हुआ कि उसे रस्सियों से बांधकर काफी बुरी तरीके से मारापीटा गया और उसकी हत्या कर दी गई।
इस मामले में छह आरोपियों को पहले गिरफ्तार कर लिया था। इसमें से दो आरोपी रिमांड पर हैं। अन्य की तलाश में दबिश दी जा रही है। परिजनों ने जो नाम बताए थे, उनके नाम पहले ही एफआईआर में दर्ज कर दिए गए हैं।
- कर्मबीर सिंह, प्रभारी नग्गल थाना, अंबाला सिटी।