अंबाला सिटी। सेक्टर-10 में एक कॉलोनी से भी कम सुविधाएं मिल रही हैं। यह इस वजह से भी हो रहा है, क्योंकि इस तरफ न तो नगर निगम अधिकारियों का ध्यान है और न ही एचएसवीपी के अधिकारी किसी समस्या का समाधान कर रहे हैं। एसोसिएशन की ओर से कई बार अधिकारियों को सेक्टर की समस्याओं को दूर करने के लिए लिखा गया है, मगर अभी तक समस्याएं जस की तस हैं। अब निगम की बनी नई कार्यकारिणी इन समस्याओं को दूर करने के लिए योजना बना रही है। सेक्टर में सबसे बड़ी समस्या गंदगी, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम बंद होने की है।
ग्रिल कई जगह टूटी पड़ी तो कई जगह से हो रही गायब
सेक्टर के चारों ओर ग्रीन बेल्ट बनाई गई है। इस ग्रीन बेल्ट की हालत खराब है। इस ग्रीन बेल्ट पर लगाई ग्रिल भी कई जगहों से गायब हो चुकी हैं और कई जगहों से ग्रिल के साथ बनाई गई चहारदीवारी टूट चुकी है। टूटी हुई ग्रिल भी लगातार गायब हो रही है। इस समस्या की ओर से निगम अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। जिस वजह से सेक्टर में नुकसान हो रहा है।
सेक्टर की यह बड़ी समस्याएं, न एचएसवीपी, न निगम दे रहा ध्यान
- सेक्टर में सफाई न होने से खाली प्लाटों पर कूड़ा बिखरा हुआ है। कई जगहों पर सड़कों और डिवाइडर पर भी सफाई न होने से गंदगी फैली है। सेक्टर में अभी करीब 6 सफाई कर्मचारी हैं, जबकि 15 कर्मचारियों की जरूरत है। सेक्टर के अधीन ही हाउसिंग बोर्ड में भी सफाई नहीं हो रही।
- टीपीसी पर मोटर नहीं चलने से सीवरेज व बरसाती पानी गलियों में जमा हो जाता है। इस समस्या की ओर से अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे।
- सेक्टर का सीवरेज सिस्टम भी काफी पुराना हो चुका है। इसके साथ ही ड्रेनेज सिस्टम भी खराब है। एचएसवीपी व निगम अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से टलते हैं।
- सेक्टर में सभी जगहों पर ड्रेनेज लाइन भी बंद पड़ी है। इस वजह से पानी की निकासी नहीं हो पाती। इसको लेकर एसोसिएशन योजना बना रही है।
- ग्रीन बैलेट से लोहे की ग्रिल कई जगहों से टूट चुकी है और कई जगहों से ग्रिल गायब हो गई है।
- 250 से ज्यादा खाली प्लाट पड़े हैं। इन खाली प्लाटों को एसोसिएशन अपने खर्च पर साफ करवाती है। एचएसवीपी की भी काफी जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन की तरफ भी अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है। यहां गंदगी फैली रहती है।
- कई गलियां व नालियां टूटी हुई हैं। सामुदायिक भवन का कार्य चल रहा है। रखरखाव नहीं होने से भवन की स्ट्रीट लाइट टूटी पड़ी है और टाइल भी टूटी हुई हैं।
1400 प्लाॅट कटे हुए, 750 ज्यादा घरों में रह रहे लोग
सेक्टर-10 में कुल 1400 प्लाट है। इनमें से करीब 750 प्लाटों में मकान बने हुए हैं और बाकी ज्यादातर प्लाट 25 प्रतिशत से ज्यादा बनाए गए हैं और वह खाली पड़े हैं। इन खाली प्लाॅट को भी एसोसिएशन की ओर से खुद ही अपने खर्चे पर साफ करवाया जाता है। इन प्लाॅट में गंदगी फैली रहती है और शिक्षा विभाग का भी स्कूल भवन खाली पड़ा है। इस भवन में नशेड़ी घूमते रहते हैं। इस बारे में एसोसिएशन की ओर से अधिकारियों को बताया गया है, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की। इस असुरक्षित भवन को भी अभी तक नहीं गिराया गया। इस सेक्टर में 5 हजार से ज्यादा की आबादी है।
सेक्टर-10 में गंदगी, सीवरेज और पानी निकासी की बड़ी समस्या है। सफाई कर्मचारियों की कमी से सेक्टर में गंदगी फैली रहती है। सेक्टर में 15 कर्मचारियों की जरूरत है, जबकि 6 सफाई कर्मचारी ही काम कर रहे हैं। सेक्टर की समस्याओं के बारे में एचएसवीपी और निगम अधिकारियों को लिखित में भी दिया गया है। अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। अब दोबारा अधिकारियों को मिलेंगे और समस्याओं के बारे में अवगत करवाएंगे।
- कमल सिंगला, प्रधान, वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10।
कमल सिंगला, प्रधान, वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10।
कमल सिंगला, प्रधान, वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10।
कमल सिंगला, प्रधान, वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-10।