प्रेम संबंधों में तकरार के चलते 32 वर्षीय भट्ठा मजदूर रविंदर माझी की डंडों से पीट-पीटकर हत्या का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने मृतक के भाई उमेश के बयान पर हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मूलरूप से हरदोई (उ.प्र)निवासी रविंदर इसराना में ईंट के भट्ठे पर काम करता था। वह पंजाब के राजगढ़ में भट्ठे पर काम करने वाले अपने भाई उमेश से मिलने आया था। यहां पर बोडा रविंद्र को लेकर अंबाला के लौहगढ़ स्थित भट्ठे पर पहुंचा। यहां पर बोडा का किसी लड़की से अफेयर था। बोडा का यहां आना भट्ठा मुंशी अर्जुन माझी को पसंद नहीं था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। शनिवार रात भी उन्होंने बोडा के वहां आने पर एतराज जताया तो आपस में तकरार हो गई। लौहगढ़ रोड पर दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। उसी दौरान हत्यारोपियों ने दोनों पर डंडों से हमला कर दिया। उनके सिर व शरीर पर चोटें मारी। रविंदर वहीं गिर गया, थोड़ी देर बाद उसने वहीं दम तोड़ दिया। वहीं बोडा भी घायल हो गया। वारदात के बाद हत्यारोपी भट्ठा मुंशी अर्जुन माझी व सहयोगी अजीत शव को सड़क पर फेंककर फरार हो गए। थोड़ी देर बाद सूचना पर पहुंची सदर पुलिस ने चंडीगढ़- हिसार बाईपास के किनारे पड़े शव को पंचनामे के बाद नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और मृतक के भाई की शिकायत पर सदर थाने में हत्या का केस दर्ज कर लिया। सोमवार मृतक के परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। फोरेंसिक क्राइम एक्सपर्ट व सीआईए टीमों ने भी घटनास्थल का मुआयना किया। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
बोडा के मजदूर परिवार की एक लड़की से प्रेम संबंध हत्यारोपी अर्जुन व अजीत को अखर रहे थे। पहले भी कई बार बहस हो चुकी थी। बीती रात बोडा अपने साथ रविंदर को लेकर गया था। वहां इसी बात को लेकर तकरार हो गई। हत्यारोपियों ने दोनों पर हमला कर दिया। डंडों से लगी चोट के कारण रविंदर ने वहीं दम तोड़ दिया। मृतक के भाई उमेश के बयानों पर हत्या का केस दर्ज किया गया है।
सुरेश कुमार, सदर थाना प्रभारी।