अंबाला सिटी। कृषि कानूनों के खिलाफ सोमवार को किसानों के समर्थन में पंजाब का कांग्रेस का कैबिनेट ही सड़कों पर उतर आया। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू, शिक्षा मंत्री पंजाब विजय इंद्र सिंगला, पंजाब कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुनील जाखड़, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और वित्तमंत्री मनप्रीत सिंह बादल हजारों की संख्या में अपने समर्थकों सहित शंभू बार्डर पर पहुंचे। यहां डेरा जमाते हुए पूरा शंभू बार्डर सील कर दिया। इसके बाद सभी कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार को आड़े लेते हुए किसान कानून को रद्द करने की मांग की। जिस कारण लगभग 10 घंटे तक अमृतसर दिल्ली नेशनल हाईवे पर जाम रहा।
हजारों की संख्या में एकत्रित होने के कारण कोई छोटा बड़ा वाहन वहां से नहीं गुजर सका। पैदल जाने वाले यात्रियों को भी काफी मशक्कत हुई। जबकि हरियाणा पुलिस ने नाका लगाते हुए पहले ही तैयारी कर ली थी और कालका चौक से रास्ता डायवर्ट करते हुए चंडीगढ़ की ओर से पंजाब में प्रवेश करने की हिदायत दी और अन्य रास्तों पर भेज दिया। इस दौरान लुधियाना की ओर जाने और आने वाले वाहन चालकों को खासी परेशानी हुई। कई लोग तो ऐसे रहे जिन्होंने शाम होने का इंतजार किया और जब रास्ता खुला तब जाकर वह लुधियाना की ओर रवाना हुए।
रास्ते की तलाश में सवारियों को लेकर भटकती रही पंजाब रोडवेज की बसें
पंजाब सरकार की ओर से बसों के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई थी। इस कारण जो भी पंजाब रोडवेज की बसें सुबह ही हरियाणा में दाखिल हुई। उन्हें बाद में वापस पंजाब जाने के लिए भटकना पड़ा। वहीं कई बस चालकों ने तो जाम खुलने तक का इंतजार किया और शाम पांच बजे के बाद जाकर पंजाब की ओर रवाना हुए। इस कारण पंजाब में लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला व अन्य जगहों की ओर आने और जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। ऐसे ही कालका चौक पर पंजाब की ओर जाने वाले यात्रियों को सुबह से लेकर शाम तक बस का इंतजार करना पड़ा।