- 2 नवंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ आधिकारिक बैठक तय, 21 को सिरसा से शुरू हुई थी यात्रा
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। जीटी रोड के रास्ते सिरसा से अंबाला पहुंचे अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को जमकर प्रदर्शन किया। वह कैंट में शास्त्री कॉलोनी स्थित कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आवास पर पड़ाव कार्यक्रम के तहत पहुंचे थे। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री विज से मिला। मंत्री विज ने सीएम कार्यालय से बात की और शिक्षकों को बैठक का समय दिलाया।
इसके बाद शिक्षकों ने अपनी न्याय यात्रा को स्थगित कर दिए और लौट गए। इस दौरान मंत्री विज के आवास के बाहर अत्यधिक संख्या में पुलिस की कई टुकड़ियां तैनात दिखाई दीं। मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारसूल ने बताया कि विज के साथ सकारात्मक बातचीत के बाद आगामी 2 नवंबर को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के साथ आधिकारिक बैठक तय हुई है।
अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारसूल ने बताया कि उनकी यह न्याय यात्रा 21 अक्तूबर को सिरसा से शुरू हुई थी, जिसे पूरे प्रदेश के अतिथि अध्यापकों का भारी समर्थन मिल रहा है। सोमवार को इस यात्रा का पड़ाव ऊर्जा मंत्री अनिल विज के अंबाला स्थित आवास पर था।
धारसूल ने बताया कि मुलाकात के दौरान जब उन्होंने मंत्री को वर्ष 2014 से जुड़े अपने मामले की याद दिलाई, तो अनिल विज ने कहा कि उन्हें पूरे विषय की पूरी जानकारी है और इसी वजह से उन्होंने शिक्षकों को बातचीत के लिए बुलाया है। मंत्री ने शिक्षकों से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सिंगल बेंच और डबल बेंच के आदेशों की प्रतियां भी मांगीं। अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि यदि 2 नवंबर को मुख्यमंत्री के साथ होने वाली बैठक में कोई सार्थक नतीजा नहीं निकलता है, तो वे अपनी न्याय यात्रा को दोबारा शुरू करेंगे।
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मंत्री ने सीएमओ से की बात, 2 नवंबर को सुबह 11 बजे तय हुई बैठक
शिक्षकों से वार्ता के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मुख्यमंत्री कार्यालय में संपर्क साधा। उन्होंने मुख्यमंत्री के निजी सचिव रविकांत के साथ-साथ एसीएस और कुलार से फोन पर बात की। बातचीत के उपरांत 2 नवंबर को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री के साथ अतिथि शिक्षकों की उच्चस्तरीय बैठक तय की गई, जिसमें शिक्षकों की मांगों और स्थायी समाधान पर चर्चा होगी।
हल नहीं निकला तो खुद यात्रा में शामिल हो जाऊंगा : विज
प्रदेश अध्यक्ष कृष्ण धारसूल ने कहा कि जब उन्होंने बैठक का लिखित आश्वासन मांगा, तो विज ने कहा कि उनके यहां से लिखित आदेश जारी नहीं होते, लेकिन उन्होंने पूरा भरोसा दिलाया। मंत्री ने कहा, यदि 2 नवंबर की बैठक में आपकी मांगों से संबंधित समाधान नहीं निकलता है, तो मैं खुद आपकी न्याय यात्रा में शामिल होकर आपके साथ चलूंगा। मेरे दरवाजे अतिथि अध्यापकों के लिए हमेशा खुले हैं।
शिक्षकों की मुख्य मांगें-
शिक्षकों की मुख्य मांगों में राज्य के सरकारी स्कूलों में लंबे समय (लगभग 21 साल) से सेवाएं दे रहे सभी 10,757 गेस्ट टीचर्स को पक्का (नियमित) किए जाने, अदालत के फैसलों के अनुसार शिक्षकों को 28 मई 2014 से नियमित माना जाए और जून 2014 से मिलने वाले सभी वित्तीय व अन्य लाभ प्रदान किए जाने, नियमितीकरण की तिथि से बकाया राशि पर 6 प्रतिशत ब्याज, ग्रेच्युटी, पेंशन और अन्य देय वित्तीय लाभ दिए जाने, सरकार द्वारा लाए गए नए सेवा नियमों में भविष्य निधि, वेतन वृद्धि, मेडिकल लीव और नियमितीकरण का स्पष्ट व संतोषजनक प्रावधान करने की मांग है।
कैंट में शास्त्री कॉलोनी के बाहर सर्विस लेन पर बैठे अतिथि शिक्षक। संवाद