करीब दो साल पूर्व शहर बलदेवनगर पुलिस चौकी के सामने 41 वर्षीय गुरप्रीत की गोली मारकर हत्या करने के दोषी लाडवा के गांव निवारसी वासी पति विक्रम सिंह को कोर्ट ने उम्रकैद व 20 रुपए हजार जुर्माना लगाया है। नारायणगढ़ क्षेत्र के गांव पिंजोड़ी में रहने वाली सास सिमरनजीत कौर के बयानों पर दर्ज केस में लगाई गई आर्म्स एक्ट की घारा में भी पांच साल कैद के साथ 5 हजार जुर्माना भरना होगा। दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश कौशल की कोर्ट में शुक्रवार को सुनाए गए फैसले में जुर्माना अदा न करने पर चार माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। बलदेवनगर थाने में दर्ज मुकदमा नंबर 413 में 14 गवाहियां हुई। इनमें प्रत्यक्षदर्शी, पुलिस, डॉक्टर व अन्य लोग शामिल हैं। विगत दिनों विक्रम को दोषी करार दे दिया गया था। घटना के बाद से ही वह न्यायिक हिरासत में हैं। उसकी जमानत याचिका मंजूर नहीं की गई।
जानकारी के अनुसार अन्य बंदियों के साथ लाए गए विक्रम को कोर्ट परिसर में बने बक्शीखाने में रखा गया। अभियोजन पक्ष ने अधिक से अधिक तथा बचाव पक्ष ने कम से कम सजा की अपील की। दोपहर बाद सजा सुनाने के बाद वापस जेल भेज दिया गया। यह था मामला
सिमरनजीत ने अपनी बेटी गुरप्रीत कौर की शादी 1998 में विक्रम के साथ सिख रीति-रिवाज से की थी। वह सेना से रिटायर्ड होने के बाद लाडवा के एसबीआई में सिक्योरिटी गार्ड तैनात था। दंपती के पास 13 साल का ऋतिक है। करीब डेढ़ साल से दोनों में मनमुटाव चल रहा था। 30 नवंबर 2017 को दशहरे के दिन विक्रम ने सास को फोन कर बताया कि गुरप्रीत कहीं चली गई है। सभी ने मिलकर उसे ढूंढा लेकिन वह नहीं मिली। कुछ दिन बाद पता चला कि वह बलदेवनगर में सहेली नीलम के घर में रह रही है। विक्रम व सास वहां गए लेकिन गुरप्रीत ने ससुराल आने से साफ इंकार कर दिया। सभी वापस लौट आए। 22 नवंबर की शाम करीब सात बजे विक्रम गुरप्रीत को लेकर ससुराल पहुंचा। दो घंटे बाद मंदिर में माथा टिकवाने की कहकर अपने घर ले गया। अगली सुबह विक्रम ने सास को फोन कर नीलम के खिलाफ दी गई शिकायत वापस लेने की अपील की क्योंकि गुरप्रीत रहने के लिए मान गई थी। घटना के दिन विक्रम व गुरप्रीत बलदेवनगर चौकी के बाहर खड़े थे। वहां आई सिमरनजीत उन्हें देखकर खुश हुई कि घर बस गया। जैसे की सिमरजीत थोड़ा आगे गई। उसी दौरान विक्रम ने अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गुरप्रीत पर गोलियां दाग दी। नीचे गिरते ही गुरप्रीत ने वहीं दम तोड़ दिया था। घटना के बाद हत्यारे ने आत्मसमर्पण कर दिया था।