बराड़ा। बराड़ा में विस्फोटक के साथ गिरफ्तार कंबासी गांव निवासी जंगबीर सिंह के मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, जंगबीर अक्सर अपने घर पर ही रहता था। किसी से ज्यादा बोलचाल नहीं थी। उसके पिता 20 साल से पुर्तगाल में रहते हैं।
कुछ समय पहले जंगबीर भी अपनी बहन के साथ पिता के पास पुर्तगाल गया था, लेकिन वहां उसे कथित तौर पर मिर्गी के दौरे पड़ने लगे। इसी बीमारी के कारण पिता उसे भारत छोड़ गए थे, जबकि उसकी बहन वहीं रह रही है।
जंगबीर के दादा भारतीय सेना में थे और गांव में ही उन्होंने अंतिम समय बिताया।
गांव वालों ने बताया कि जंगबीर अपनी मां के साथ घर के अंदर ही रहता था और मुख्य द्वार अक्सर बंद रहता था। कभी-कभार बाइक पर बाजार जाता और लौटकर फिर घर में बंद हो जाता था। गांव में आज तक उसके खिलाफ कोई शिकायत या संदिग्ध गतिविधि की चर्चा नहीं हुई।
परिवार की गांव में पांच एकड़ खेती योग्य जमीन : कंबासी गांव में जंगबीर के परिवार के पास करीब चार से पांच एकड़ खेती योग्य जमीन है। इस घटना के बाद लोग हैरान हैं।
खुलकर कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं। वहीं परिवार का कोई भी सदस्य फिलहाल मीडिया के सामने आने को तैयार नहीं है। एसटीएफ अब यह जांच कर रही है कि आखिर घर में सिमटा रहने वाला यह युवक इतनी बड़ी साजिश में कैसे फंस गया। संवाद