पुतला फूंकने को लेकर भिड़ते दो पक्षों के लोग
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जैन मुनि तरुण सागर महाराज के प्रति विरोध प्रदर्शन करने और पुतला फूंकने आए वाल्मीकि समाज के दो पक्षों के लोग रविवार को सिटी के जगाधरी गेट पर आपस में भिड़ गए। एक पक्ष जैन मुनि का पुतला जलाने के पक्ष में था तो दूसरा पक्ष पुतला जलाने का विरोध कर रहा था। हालात यह रहे कि दोनों पक्षों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। आपसी विरोध के बीच जन गुरु का पुतला आग के हवाले कर विरोध जताया गया।
दरअसल वाल्मीकि समाज के एक पक्ष के लोग डॉ. बलबीर की अध्यक्षता में जैन मुनि तरुण सागर का पुतला लेकर रविवार दोपहर को सिटी के जगाधरी गेट पर एकत्रित हुए थे। इस दौरान उन्होंने भगवान वाल्मीकि के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में मुनि तरुण सागर के प्रति नारेबाजी की और शहर में लगे उनके होर्डिंग भी फाड़ डाले।
अभी डॉ. बलबीर की अध्यक्षता में विरोध प्रदर्शन चल ही रहा था कि दूसरा पक्ष बुद्धराम मट्टू की अध्यक्षता में मौके पर पहुंचा। इस दौरान बुद्धराम मट्ट, रामदास सौदा, रवि, शिव खोड़ा सहित अन्य ने डॉ. बलबीर को पुतला जलाने से रोका। मट्टू का कहना था कि जैन समाज के लोग मिलने आए थे और उन्हें विश्वास दिलाया कि जैन गुरु समाज के लोगों से माफी मांगने के लिए तैयार हैं। इसके लिए एक दो दिन का समय मांगा है और ऐसे में पुतला जलाना गलत होगा। लेकिन डॉ. बलबीर पुतला जलाने की बात पर अड़े रहे और कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई सूचना नहीं। इसी बीच डॉ. बलबीर व दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई।
लेकिन मट्टू ने बीच बचाव कर मामले को शांत करवाने का प्रयास किया। आपसी खींचतान के बीच डॉ. बलबीर व उनके साथ आए समाज के लोगों ने जैन गुरु का पुतला आग के हवाले कर विरोध जताया। जिसके बाद मट्टू ने समाज के लोगों को बताया कि जैनाचार्य को किताबें दी गई हैं और उन्हें विश्वास है कि जैन गुरु समाज और मीडिया के सामने अपने वचनों को वापस लेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता तो सभी मिलकर प्रदर्शन करेंगे।