इस मामले में एक नाबालिग की सजा पर जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड फैसला दे चुका है। वहीं, मामले में तीन महिलाओं को कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया है।अभियोजन पक्ष के वकील एडवोकेट राजबीर सैनी ने बताया कि मई 2014 में मुलाना के गांव होली में गली में कूड़ा गिराने को लेकर दो पक्षों में झगड़ा हो गया था। उस दौरान झगड़े में घायल हुए श्रवण कुमार, कर्मचंद, संजीव और सीता राम को अस्पताल में भर्ती करवाया था। लेकिन गंभीर हालत के चलते श्रवण कुमार ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था। मुलाना पुलिस ने वारदात के बाद शिकायकर्ता सीता राम की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में प्रेम, सुरेंद्र, सतविंद्र, पुनीत और तीन महिलाओं सहित अन्य को आरोपी बनाया था। मामला कोर्ट में विचाराधीन था। बुधवार को कोर्ट ने मामले में आरोपी प्रेम, सुरेंद्र, सतविंद्र और पुनीत को दोषी करार दे दिया। तीन महिलाओं को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया। आगामी 26 फरवरी को कोर्ट में दोषियों पर अपना फैसला सुनाएगी।