बराड़ा में दशहरा महोत्सव पर 125 फुट ऊंचे और करीब 4 क्विंटल वजनी रावण के पुतले का दहन किया गया। विशालकाय रावण को जलता देखने के लिए बराड़ा में लोगों की भारी भीड़ जुटी थी। रावण के इस पुतले को बनाने में 38 दिनों का समय लगा और करीब 10 लाख रुपये की लागत आई। रावण के पुतले को देखने के लिए दोपहर से ही लोग इकट्ठा होने शुरू हो गए थे। रावण के पुतले के साथ लोगों ने तस्वीरें भी ली। लोग दोपहर से ही रावण के पुतले के दहन को देखने का इंतजार करते नजर आए। शाम को करीब 7 बजे मुख्य अतिथि समाजसेवी रजत मलिक ने रिमोट कंट्रोल से रावण के पुतले का दहन किया। इस दौरान जयश्रीराम के जयकारों से मैदान गूंज उठा।
श्री राम लीला क्लब बराड़ा के प्रधान तेजिंदर चौहान ने कहा कि बराड़ा में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में रजत मलिक ने शिरकत की। उन्होंने बताया कि रावण के पुतले में इको फ्रेंडली पटाखों का प्रयोग किया गया है। जिससे प्रदूषण का खतरा कम होता है। उन्होंने बताया कि इस पुतले को 20 वर्करों ने दिन रात काम करके 38 दिनों में बनाया। इसके बाद पुतले को खड़ा करना भी काफी मशक्कत भरा रहा। दशहरा पर्व से एक दिन पहले मंगलवार को भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। जिसमें गायक मानक अली ने प्रस्तुति दी। उनके गानों पर सभी दर्शक झूम उठे। उन्होंने बताया कि वे 1987 से रावण के पुतले को बनाते आ रहे हैं । इस बार के आयोजन में मुख्य रूप से समाजसेवी राजेश सिंगला, अनमोल खेत्रपाल, रजत मलिक, विक्रम राणा व राष्ट्र जागरण मंच संस्थापक अमरिंदर सिंह शामिल हैं। रावण दहन बराड़ा द्वारा रिमोट कंट्रोल से किया गया। इस दौरान होने वाली आतिशबाजी भी देखने योग्य थी। इस मौके पर एसडीएम बराड़ा बिजेंद्र सिंह, एसएचओ बराड़ा सतीश, तहसीलदार अंशुल अरोड़ा व अन्य मौजूद रहे।
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