प्रगति विहार से हरी नगर, कर्ण पुरी, सावन विहार और पटेल नगर तक निकली यात्री
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। प्रगति विहार में रविवार को भक्ति और श्रद्धा का महापर्व जगन्नाथ रथ यात्रा हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के रथों के दर्शन के लिए दोपहर बाद से ही भक्तों का तांता लग गया। मान्यता है कि जो श्रद्धालु वर्ष भर मंदिर तक नहीं पहुंच पाते, उनके लिए भगवान स्वयं नगर भ्रमण पर निकलते हैं। वे रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देते हैं। इसी कारण जगन्नाथ रथ यात्रा को जन-जन की यात्रा भी कहा जाता है। आयोजन समिति के अनुसार, यात्रा शाम चार बजे प्रगति विहार से आरंभ हुई और हरी नगर, कर्ण पुरी, सावन विहार और पटेल नगर से होते हुए वापस प्रगति विहार में संपन्न हुई।
इस पावन अवसर पर रथ यात्रा का सबसे बड़ा संदेश दिया गया कि भगवान अपने भक्तों से दूरी नहीं रखते। जब प्रभु स्वयं मंदिर की देहरी लांघकर भक्तों के बीच आते हैं, तो यह मानवता, प्रेम और करुणा का अद्भुत उदाहरण बन जाता है। यह परंपरा सिखाती है कि सच्ची भक्ति में कोई भेदभाव नहीं होता और भगवान सभी के लिए समान हैं।
धार्मिक ग्रंथों में भी उल्लेख
स्कंद पुराण, पद्म पुराण और पुरुषोत्तम माहात्म्य में रथ यात्रा का विस्तृत वर्णन मिलता है। अंबाला कैंट के प्रगति विहार से जब रथ निकले, तो पूरा वातावरण मंत्रमुग्ध हो गया। भगवान जगन्नाथ प्रचार समिति द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मूल मंत्र वेलफेयर सोसायटी और जय श्री श्याम सेवा क्लब का भी विशेष सहयोग रहा। पूरे मार्ग पर भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान के दर्शन किए और अपनी श्रद्धा अर्पित की।
अंबाला छावनी के प्रगति विहार से निकली रथ यात्रा में विराजमान भगवान। संवाद