संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। नगर निगम की ओर से शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए खरीदे गए आठ पंप में गड़बड़ी का मुद्दा फाइनेंस एवं कांट्रेक्टस कमेटी की बैठक में गूंजा। मेयर ने निगम अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए।
मेयर ने कहा कि जिस एजेंसी से निगम ने पंप खरीदे हैं, उस एजेंसी की 30 लाख की पेमेंट भी रोक दी गई है। उन्होंने कहा कि शहर की निकासी के लिए 8 पंप खरीदे गए थे। इन पंपों के ई-वे बिल नहीं है। वर्कऑर्डर पर आयुक्त के साइन भी नहीं है। एक पंप करीब 1 लाख 8 हजार का था, मगर इसे 3 लाख 85 हजार में खरीदा गया। यह 12 हॉर्स पावर के पंप है। यह पंप कुछ दिनों बाद खराब भी हो गए। इन पंप के लिए अनब्रांडेड की कोटेशन दी थी, जबकि बिल ब्रांडेड का बनाया गया। जब उन्होंने फाइल मंगवाकर जांच की तो उन्होंने आयुक्त को जांच के लिए लिखा।
उल्लेखनीय है कि शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए नगर निगम ने आठ नए पंप खरीदे थे। कुछ दिन चलने के बाद यह पंप हांफ गए। किसी पंप का पंखा खराब हो गया तो कोई चल नहीं रहा। इन पंपों के खराब होने पर पार्षदों ने भी सवाल उठाए थे। पार्षदों का कहना था कि नगर निगम ने पंपों को पानी निकासी के लिए उनके वार्डों में लगाया है, मगर यह पंप चल नहीं रहे। वार्ड-20 में भी पंप खराब होने पर पार्षद प्रीति सूद ने अधिकारियों को पत्र लिखा था और नए पंप इतनी जल्दी खराब होने जांच की गुहार भी लगाई थी।