अंबाला। प्राइवेट बसों को लेकर आरटीए अंबाला सुशील कुमार ने गाइड लाइन जारी करते हुए निजी बस संचालकों को प्रफोर्मा भेजकर निर्देश दिए। सभी प्राइवेट बस संचालकों को 15 दिनों में इस परफॉर्मा को भरकर आरटीए कार्यालय में जमा कराना होगा।
इस प्रफोर्मा में बताया गया है कि प्राइवेट बसों के पीछे लग रही लोहे की सीढ़ी को हटाना होगा। जिससे यात्री बसों की छतों पर बैठकर यात्रा न करें। कई बार देखा गया है कि यात्री और छात्र अपनी जान जोखिम में डालकर सीढ़ी के माध्यम से प्राइवेट बसों की छत पर चढ़ जाते हैं और छत पर बैठकर यात्रा करते हैं।
इसके अलावा संचालकों को बसों में लगे म्यूजिक सिस्टम को भी हटाना पडे़गा। कई बार चालक ऊंची आवाज में म्यूजिक सिस्टम पर गाने चलाते हैं। इससे हादसा होने का खतरा बना रहता है। प्राइवेट बस चालक और परिचालक वर्दी में होंगे। उन्हें अपनी वर्दी पर नेम प्लेट भी लगानी होगी। तीन महीने में बसों में जीपीएस लगा होना चाहिए। चालक और परिचालक की नेम प्लेट के नीचे लाइसेंस नंबर भी लिखा होना अनिवार्य है।
अंबाला में 72 प्राइवेट बसें हैं। जोकि बसें 10 मार्गों पर चलाई जाती हैं। जिसमें 10 बसें अंबाला से नारायणगढ- साहा, आठ बसें अंबाला से नारायणगढ़, पंजोखरा, 11 बसें अंबाला से पेहवा, आठ बसें अंबाला से पीपली, पांच बसें अंबाला लाडवा, तीन बसें अंबाला सढौरा, 20 बसें अंबाला से जगाधरी, दो बस अंबाला से रायपुररानी, सात बसें नारायणगढ़ से यमुनानगर मार्ग शामिल है।
वर्जन
आरटीए अंबाला की ओर से हमें परफॉर्मा भेजा गया है, इसमें बसों से सीढ़ी हटाने, म्यूजिक सिस्टम हटाने व अन्य गाइड लाइन है। जिसे पंद्रह दिनों में भरकर कार्यालय में जमा कराना होगा।
रामनाथ राणा, प्रधान, द सहकारी परिवहन समिति कल्याण संघ अंबाला।