अंबाला। लखनऊ-चंडीगढ़ एक्सप्रेस के आगे लोहे की रॉड फैंकने वाले एक आरोपी को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है जबकि दूसरे आरोपी की तलाश में टीम लगातार दबिश दे रही है। हालांकि आरोपी का अभी खुलासा नहीं किया है। प्राप्त जानकारी अनुसार पकड़ा गया आरोपी रेलवे स्टेशन के आसपास का ही रहने वाला है। आरोपी को शनिवार कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मामला पांच अप्रैल का है। जब लखनऊ से चंडीगढ़ जा रही ट्रेन नंबर 12231 दुर्घटनाग्रस्त होने से बच गई क्योंकि ट्रेन के इंजन से लोहे की एक भारी-भरकम रॉड टकरा गई थी। यह घटना अंबाला छावनी और धूलकोट स्टेशन के मध्य किलोमीटर संख्या 203/5-7 के पास हुई थी। इस संबंध में स्टेशन मास्टर धूलकोट की ओर से आरपीएफ को तुरंत जानकारी दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ मौके पर पहुंची और जांच शुरु की। जब आरपीएफ निरीक्षक रविंदर सिंह की अगुवाई में टीम जांच करते हुए धूलकोट स्टेशन की तरफ बढ़ी तो उन्हें किलोमीटर नंबर 203/7-9 के मध्य अप लाइन पर लोहे की एक आयताकार हरे रंग की पाइप नजर आई जोकि 4 फुट ट्रैक के बीच में पड़ी थी। वहीं इसी आकार व रंग की एक लोहे की पाइप भी रेल लाइन के बाहर अलग-अलग जगह पर पड़ी थी। बरामदा सभी वस्तुओं को आरपीएफ ने सबूत के तौर पर रख लिया था और इस संबंध में आरपीएफ पोस्ट पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया था।
लोको पायलट से पूछताछ के बाद आरोपियों तक पहुंची आरपीएफ
लखनऊ-चंडीगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस के लोको पायलट ने आरपीएफ को बताया कि 2 लड़के लाइन पार करते हुए समय एक लोहे के पाइप का ढांचा लेकर जा रहे थे। उन्होंने ट्रेन को देखते ही लोहे के ढांचे को ट्रैक पर ट्रेन के सामने ही छोड़ दिया और मौके से भाग गए। लोको पायलट से आरोपियों के हुलिए की जानकारी लेने के बाद आरपीएफ ने मुखबिरों का जाल बिछाया और शुक्रवार को दबिश देकर एक आरोपी को काबू कर लिया।