अंबाला सिटी। वारंटी पीरियड में स्वीमिंग पूल में गिरकर खराब हुए आईफोन-7 प्लस मोबाइल को न बदलने और न ही ठीक करने पर उपभोक्ता फोरम ने वाईएमएस मोबिटेक और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनियों को मोबाइल की कीमत (69999 रुपये) और पांच हजार रुपये हर्जाना के तौर पर उपभोक्ता को देने के आदेश दिए हैं।
गांव गौरसियां की रहने वाली अमरजीत कौर ने दो जनवरी 2018 को डिस्ट्रिक कंज्यूमर फोरम में याचिका दायर की थी। अमरजीत ने बताया कि उसने मानव चौक स्थित वालिया कम्यूनिकेशन से 19 अप्रैल 2017 को 69999 रुपए का भुगतान कर एक आईफोन-7 प्लस खरीदा था। खरीद पर एक साल की वारंटी भी दी थी। साथ ही फोन को किसी भी तरह के नुकसान होने पर एक इंश्योरेंस पॉलिसी भी जारी की गई थी। अमरजीत ने बताया कि एक दिन उसका बेटा स्वीमिंग पूल के किनारे पर बैठा था। तब वह भी पास ही थी। उस समय पूल में डाइव करते हुए एक युवक उससे टकरा गया। इस कारण उसका आईफोन-7 प्लस पूल में गिर गया। मोबाइल फोन बाहर निकाला तब तक वह बंद हो चुका था। फोन की एवज में उसने 2 मई 2017 को क्लेम के लिए दावा किया। साथ ही मोबाइल फोन भी कोरियर के जरिये दिल्ली के सेक्टर-63 स्थित निर्माता कंपनी वाईएमएस मोबिटेक कंपनी को भेज दिया गया। अमरजीत का आरोप है कि कंपनी ने न तो उसका मोबाइल रिपेयर किया न ही रिप्लेस। कई बार संपर्क करने के बावजूद कंपनी परिवादी को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाई। चार सितंबर 2017 को अमरजीत ने कंपनी को एक लीगल नोटिस भेजा, लेकिन उसका जवाब भी नहीं दिया। इसके बाद उसने डिस्ट्रिक कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाया।
नए फोन के साथ मांगा था 51 हजार रुपये का हर्जाना
अमरजीत ने फोरम में एक याचिका दायर कर नया आईफोन या फिर 69999 रुपए का भुगतान की मांग की। साथ ही मानसिक परेशानी, वित्तीय नुकसान व केस खर्च के तौर पर भी 51 हजार रुपये हर्जाना मांगा। केस में वाईएमएस मोबिटेक के साथ न्यू इंडिया इंश्योरेंस और वालिया कम्यूनिकेशन को भी पार्टी बनाया था। दोनों पार्टियों की दलील सुनने के बाद उपभोक्ता फोरम की प्रेजिडेंट नीना संधू, सदस्य रूबी शर्मा और विनोद शर्मा ने अमरजीत के हक में फैसला सुनाते हुए वाईएमएस मोबिटेक और न्यू इंडिया इंश्योरेंस को 69999 रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए। साथ ही केस खर्च व मानसिक तौर पर परेशान करने की एवज में पांच हजार रुपये का हर्जाना भी 30 दिन के भीतर देना होगा।