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Ambala News: जांच टीम को इएसआई की डिस्पेंसरी में मिलीं अव्यवस्थाएं

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अंबाला सिटी। सिटी स्थित इएसआई की डिस्पेंसरी में अव्यवस्थाएं हैं। यहां पर अपना स्टाफ भी आपस में एक-दूसरे की शिकायत करता रहता है। लोग एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। इस मामले में ईएसआई विभाग ने संज्ञान लिया है। मामले की जांच करने सोमवार को करनाल से सीएमओ इएसआई और उनकी टीम पहुंची। यहां सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर ढ़ाई बजे तक टीम ने जांच की और समस्याओं को जाना। इस दौरान शिकायत करने वाले एमपीएसडब्ल्यू कर्मचारी से भी बात की। मौके पर लोग भी उपस्थित रहे। सायं को टीम लौट गई।
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वर्ष 2019 से लेकर अब तक सैकड़ों मरीजों के लाखों रुपये के बिल पास ही नहीं हुए हैं। मरीज बिलों को लेकर कभी शहर तो कभी कैंट स्थित इएसआई प्रभारी के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं। कुछ समय पहले दवाओं का स्टॉक भी नहीं मंगाया जा रहा था। जब मामले ने तूल पकड़ा तो इएसआई विभाग ने कुछ दवाएं मंगाईं। वहीं अगर दवा उपलब्ध नहीं है तो बाहर से दवा खरीदने का प्रावधान है, मगर यह कार्य भी नहीं किया गया। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।


फार्मासिस्ट और एएनएम के बीच मनमुटाव

बताया जाता है कि फार्मासिस्ट और एएनएम के बीच मनमुटाव चल रहा है। दोनों विभाग में एक दूसरे पर आरोप लगाते हुए शिकायत कर चुके हैं। इसकी शिकायत सीएमओ के पास पहुंची तो उन्होंने इस मामले को जांच में शामिल किया।
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एक डिस्पेंसरी में चल रही दो डिस्पेंसरी

शहर की तीन कमरों की डिस्पेंसरी में दो डिस्पेंसरी चल रही हैं। यहां धूलकोट की डिस्पेंसरी को भी एक कमरे में संचालित किया जा रहा है। करीब 20 से 25 कर्मचारियों का स्टाफ है। उनके बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं है तो मरीजों के बैठने के लिए कैसे स्थान होगा। साथ ही धूलकोट से लोगों को शहर तक दिखाने के लिए आना पड़ रहा है। आपातकाल में भी मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। इमरजेंसी में दवा देने वाला तक कोई नहीं है। यहां तक कि इंजेक्शन लगाने तक में दिक्कत होती है। इएसआई के सभी कार्य ऑनलाइन लाइन हैं मगर यहां पर्याप्त इन्वर्टर है नहीं और कंप्यूटर खराब हैं। साथ ही मैनपॉवर की भी काफी कमी है।
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