अंबाला। चंडीगढ़-अंबाला रेल खंड पर ढकोली फाटक के पास हुए हादसे की जांच पूरी हो गई है। अब निलंबित लोको और सह लोको पायलट को नौकरी पर बहाल करके अनुशासन पत्र (एसएफ-5) दिया जाएगा। इससे वे जांच में शामिल होकर अपना पक्ष रख सकें।
रेलवे के सेवानिवृत कर्मचारी उनकी पैरवी भी कर सकेंगे। हादसे के दौरान जो भी तथ्य सामने रहे, उनकी जानकारी लिखित व मौखिक तौर के अलावा वीडियो में भी दर्ज की जाएगी। इस दौरान ढकोली रेल फाटक पर तैनात कर्मचारी सहित क्षतिग्रस्त वाहन के चालक से भी पूछताछ की जाएगी ताकि मामले पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर लोको व सह लोको पायलट को ही दोषी पाया गया था और उन पर बर्खास्तगी की तलवार भी लटक रही है।
यह था मामला
चंडीगढ़-अंबाला रेल मार्ग पर ढकौली रेलवे फाटक पर 13 मई को हादसा हुआ था। रेलवे फाटक खुला होने और लाल सिग्नल के बाद भी लोको पायलट इंजन को निकाल कर ले गया जोकि एक कार से टकरा गया। इसमें कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई, हालांकि इसमें किसी को कोई चोट नहीं आई। वहीं घटना के तुरंत बाद लोको पायलट गुड्स अखिलेश कुमार और सह लोको पायलट मनोज कुमार को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था।
वर्जन
जे-ग्रेड के अधिकारियों द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट की अभी जानकारी नहीं है। सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद ही इस मामले में जानकारी दी जा सकती है। अभी लोको व सह लोको पायलट निलंबित हैं।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।