अंबाला। रेलवे यार्ड में हुई मालगाड़ी के डिब्बे की डिरेलमेंट की जांच जे-ग्रेड के अधिकारियों ने शुरू दी है। डीआरएम के निर्देश पर इसके लिए अलग-अलग विभागों के पांच सहायक अधिकारियों को तैनात किया है जो 10 दिन के अंदर अपनी विस्तृत रिपोर्ट डीआरएम के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
सोमवार को खुद डीआरएम इस मामले में स्टेशन अधीक्षक सहित अन्य विभागीय अधिकारियों से पूछताछ करेंगे कि बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इन पर कैसे कंट्रोल किया जा सकता है। इस मामले में पहले ही डीआरएम ने दो रेलवे कर्मचारियों को निलंबित कर, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी अनुसार इस मामले में कुछ अन्य कर्मचारियों पर भी लापरवाही की गाज गिर सकती है जोकि जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा। गौरतलब है कि शुक्रवार को रेलवे यार्ड में शंटिंग के दौरान मालगाड़ी का डिब्बा पटरी से उतर गया था। हादसा सुबह लगभग 9.30 बजे हुआ था और राहत टीम ने 2 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाइड्रोलिक जैक की मदद से डिब्बे को पटरी पर रख दिया था। वहीं प्राथमिक जांच के आधार पर तैयार किए ज्वाइंट नोट के तहत दो रेलवे कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसमें प्वाइंट्समैन सहित उप मुख्य रेल यार्ड मास्टर शामिल है।
दो लाख रुपये होंगे खर्च, 164 स्लीपर टूटे: हादसे के दौरान रेलवे लाइन पर लगे लगभग 164 स्लीपर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए थे। अब इन स्लीपरों को बदलने पर लगभग दो लाख रुपये खर्च होंगे। अब यह पैसा लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों की सैलरी से काटा जाएगा या फिर रेलवे यह खर्च उठाएगा। इसका फैसला भी जे-ग्रेड अधिकारियों की रिपोर्ट पर आधारित होगा।
प्लेटफॉर्म सात के ट्रैक पर दौड़ेगी शताब्दी
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। लगभग 25 दिन के लिए बंद किया प्लेटफार्म सात अब दोबारा से ट्रेनों के आवागमन के लिए तैयार हो गया है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग ने तय समय से पहले ही काम निपटा दिया है। अब ट्रैक का इंजन चलाकर निरीक्षण किया जाएगा, जिससे कि वंदे भारत और शताब्दी सहित प्लेटफार्मों पर तब्दील की गई अन्य ट्रेनें वापस प्लेटफॉर्म सात से संचालित हो सकें।
स्टेशन मास्टर राम चानना ने कहा कि ट्रैक को इस प्रकार से तैयार किया है कि आगामी 15-20 वर्षाें तक इसे सुधारने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गौरतलब है कि अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर 17 मार्च से 10 अप्रैल तक प्लेटफार्म 7 के रेलवे ट्रैक को नए सिरे से तैयार करने का कार्य आरंभ किया गया था। इस कारण प्लेटफार्म पर ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया। तय समय पर रेलवे के लगभग 100 से अधिक कर्मचारी विभागीय अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्लेटफार्म 7 पर जुट गए थे। हालांकि यह कार्य प्राइवेट ठेकेदार की मदद से किया गया। इस दौरान प्लेटफार्म 7 पर आने वाली लगभग 39 ट्रेनों को प्लेटफार्म 6 सहित अन्य पर तब्दील कर दिया गया था।