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Ambala News: पंप खरीद में गड़बड़ी की जांच पूरी, क्लीनचिट

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प्रीति सूद, पार्षद, वार्ड-20।
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अंबाला सिटी। बीते माह बाढ़ के दौरान खरीदे आठ नए पंप गड़बड़ी मामले की जांच पूरी हो गई है। निगम अधिकारियों ने इसे क्लीनचिट दे दी है। जांच में कुछ नहीं मिला।
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फाइनेंस और कांट्रेक्ट्स कमेटी की बैठक में भी यह मुद्दा गूंजा था और इससे पूर्व मेयर शक्ति रानी शर्मा और पार्षद प्रीति सूद समेत अन्य पार्षदों ने पंप खरीद में सवाल खड़े किए थे। मेयर ने पंप खरीद एजेंसी की पेमेंट भी रोक दी थी। उन्होंने निगम अधिकारियों को पंप खरीद की जांच के निर्देश दिए थे। वार्ड-20 पार्षद प्रीति सूद ने भी इसके लिए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। वहीं, मनोनीत पार्षद संदीप सचदेवा का कहना है कि निगम ने बिना जांच में शामिल किए मामले में क्लीनचिट दे दी।
मेयर ने जांच के लिए दिए थे निर्देश
निगम मेयर शक्ति रानी शर्मा का कहना था कि शहर की निकासी के लिए निगम ने आठ पंप खरीदे थे। इन पंपों के ई-वे बिल नहीं है। वर्कऑर्डर पर आयुक्त के साइन भी नहीं है। एक पंप करीब एक लाख आठ हजार का था। इसे करीब तीन लाख 85 हजार में खरीदा गया। यह 12 हॉर्स पावर के पंप है। यह पंप कुछ दिनों बाद खराब हो गए। इन पंप के लिए अनब्रांडेड की कोटेशन दी थी, जबकि बिल ब्रांडेड का बनाया। जब उन्होंने फाइल मंगाकर जांच की तो उन्होंने आयुक्त को जांच के लिए लिखा था।
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किसी पंप का पंखा खराब तो कोई चला नहीं
बता दें कि शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए निगम ने आठ नए पंप खरीदे थे। इनमें से कुछ पंप थोड़े दिन चलने के बाद बीच में हांफ गए थे। किसी पंप का पंखा खराब हो गया तो कोई पंप चला नहीं था। इन पंपों के खराब होने पर पार्षदों ने भी सवाल उठाए थे। पार्षदों का कहना था कि नगर निगम ने पंप को पानी निकासी के लिए उनके वार्डों में लगाया है, मगर यह पंप चल नहीं रहे। वार्ड-20 में भी पंप खराब होने पर पार्षद प्रीति सूद ने अधिकारियों को पत्र लिखा था और नए पंप इतनी जल्दी खराब होने पर जांच की गुहार भी लगाई थी।
वर्जन
निगम ने बाढ़ के दौरान नए पंप खरीदे थे। यह पंप महंगे खरीदे और इनकी गुणवत्ता भी निम्न थी। ये थोड़े दिन चलकर खराब हो गए थे। इससे पानी की निकासी ठीक नहीं हो सकी। वार्ड-20 से पार्षद प्रीति सूद और उन्होंने पंप खरीद गड़बड़ी के लिए मामला उठाया था। प्रीति सूद ने तो शिकायत भी की थी। निगम अधिकारियों ने मामले में खुद ही जांच कर ली। उन्हें जांच में शामिल किया जाना चाहिए था। निगम अधिकारी लीपापोती कर रहे हैं।
संदीप सचदेवा, मनोनीत पार्षद, निगम।
वर्जन
उनके वार्ड में पानी निकासी के लिए नया पंप लगाया गया था, मगर यह पंप थोड़े दिन चलकर ही बंद हो गया। इसको लेकर उन्होंने निगम और मुख्यमंत्री को शिकायत की थी। अभी तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनको जांच में भी शामिल नहीं किया गया है।
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प्रीति सूद, पार्षद, वार्ड-20।
वर्जन
बीते माह खरीदे गए 8 नए पंप खरीद में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच चल रही थी। जांच पूरी हो गई है। इसमें कोई गड़बड़ी सामने नहीं आई है।
दीपक सूरा, डीएमसी, नगर निगम।

प्रीति सूद, पार्षद, वार्ड-20।

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