अंबाला। एलोवीरा जूस की आड़ में शराब तस्करी के आरोप में पकड़े गए दिल्ली के रविंद्र पाल सिंह बबलू घर पर ही शराब के तमाम ब्रांड के लेबल व ढक्कन तैयार करता था। रिमांड के दौरान उसने यह खुलासा किया है। बबलू की मानें तो वह एक मशीन के जरिए धोखाधड़ी का ये कारोबार करता है। बबलू से पूछताछ के दौरान पुलिस को ठगी के कारोबार से जुड़े अहम सबूत मिले हैं।
दरअसल एलोवीरा जूस की आड़ में शराब तस्करी के मामले का भंडाफोड़ होने के बाद ही पुलिस ने दिल्ली के रविंद्र पाल सिंह बबलू को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मुख्य आरोपी गौरव राणा व प्रिंस के निशानदेही पर दो शराब गोदामों पर छापा मारकर भारी मात्रा में शराब जब्त की थी। एक गोदाम से पुलिस ने तैयार की जा रही नकली ओल्ड मोंक रम की करीब दस हजार बोतल जब्त की थी। तब यह रम प्लास्टिक के ड्रमों में भरी हुई थी। तलाशी के दौरान पुलिस ने गोदाम से शराब के कई ब्रांड के लेबल व बोतलों के ढक्कन जब्त किए थे। इसके अलावा काफी कैनी, गत्ता पेटियों के अलावा शराब से जुड़ी सामग्री भी कब्जे में ली थी। पूछताछ के दौरान ही आरोपियों ने यह खुलासा किया था कि शराब के ब्रांड के सभी लेबल व ढक्कन बबलू से खरीदे जाते थे। इसी आधार पर इस मामले में बबलू को काबू किया। अभी तक पुलिस इस केस में 19 आरोपियों को पकड़ चुकी है।
आरोपी बबलू खुद ही शराब के कई ब्रांड के लेबल व ढक्कन तैयार करता था। एक मशीनें के जरिए ही यह पूरा खेल होता था। उससे पूछताछ में पुलिस को अहम सुराग लगे हैं। बबलू के कब्जे मशीन को भी जब्त करने की कार्रवाई चल रही है।
-मोहन लाल, एसएचओ, पंजोखरा