अंबाला सिटी। मैडम, एक चुहिया थी, उसे बाज ने अपने पंजों में पकड़ था। उड़ते-उड़ते उसके पंजों से छूटकर चुहिया नीचे नदी में खड़े साधु के हाथों में गिरी। साधु उस समय सूर्यदेव का जल अर्पित कर रहे थे... मंडलायुक्त दीप्ति उमाशंकर के समक्ष उगाड़ा गांव की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पढ़ने वाले तीसरी कक्षा के बच्चों ने कुछ इसी अंदाज में चुहिया के विवाह की कहानी सुनीं। बच्चों के मुंह साफ और सही कहानी सुनकर वह गदगद हो गई। इसके बाद चौथी कक्षा में गई तो यहां उन्होंने हिंदी की बजाए अंग्रेजी का ज्ञान परखना चाहा। यहां पर भी बच्चों ने उन्हें निराश नहीं किया। बीरबल की कोट द थीफ कहानी फटाफट बच्चों ने सुनाई। इस तरह न केवल हिंदी बल्कि सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे किस तरह अंग्रेजी प्रवाह में भी निपुण हैं। इतना ही नहीं उन्होंने स्कूल की दीवारें जिन पर शानदार पेंटिंग की हुई थी उसे भी सराहा। यह सभी बातें जाते हुए मंडलायुक्त ने विजिट रजिस्टर में भी दर्ज की। इतना ही नहीं वह गांव के पंचायत घर व प्ले ग्राउंड में भी पहुंची। सब इतना शानदार था कि वह तारीफ किए बिना नहीं रुक पाईं।