अंबाला। घर से अपनों से रूठकर निकले एक 9 साल के मासूम के लिए आरपीएफ का नन्हे फरिश्ते अभियान मददगार साबित हुआ। शुक्रवार को ट्रेन नंबर 14508 फाजिल्का-दिल्ली इंटरसिटी में लावारिस हालत में मिले बालक को आरपीएफ ने न केवल सुरक्षित रेस्क्यू किया, बल्कि उसे काउंसलिंग के बाद एनजीओ के सुपुर्द कर दिया। आरपीएफ प्रभारी रविंदर सिंह ने बताया कि सुरक्षा नियंत्रण कक्ष अंबाला को सूचना मिली थी कि ट्रेन के जनरल कोच में एक बच्चा अकेला यात्रा कर रहा है।
सहयात्री गुलजार सिंह ने बच्चे को अकेला देख इसकी जानकारी दी थी। सूचना मिलते ही उप निरीक्षक पंकज कुमार को टीम के साथ प्लेटफार्म पर भेजा गया और ट्रेन के आते ही बच्चे को अपनी सुरक्षा में ले लिया। आरपीएफ पोस्ट पर जब बच्चे से पूछताछ की गई, तो उसने अपनी पहचान राजस्थान के नागौर, बसनी चौराहा गांव निवासी बंसी के रूप में बताई। बच्चे ने बताया कि वह घर पर झगड़ा होने के बाद गुस्से में निकल गया था और ट्रेन में बैठकर अंबाला पहुंच गया।