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Ambala News: विदेश की तर्ज पर भारतीय रेलवे ने तैयार किया फ्रिक्शन बफर सिस्टम

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अंबाला। विदेशों की तर्ज पर भारतीय रेलवे ने फ्रिक्शन बफर सिस्टम तैयार किया है जोकि दुर्घटनाओं को रोकने में काफी कारगर साबित होगा, इसका पहला परीक्षण अंबाला रेल मंडल के अधीन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर किया गया है जोकि सफल रहा है। ट्रेन के भार लगभग 6500 मीट्रिक टन को रोकने में यह सिस्टम काफी मददगार साबित होगा। ट्रेन के गलत रेल लाइन पर चले जाने पर भी बेपटरी होने का खतरा खत्म हो जाएगा। इस सिस्टम को एक से दूसरी जगह भी मशीनों की मदद से ले जाया जा सकता है और यह रेलवे लाइन पर कुछ क्षणों में स्थापित भी किया जा सकता है।
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ऐसे करता है काम

फ्रिक्शन बफर सिस्टम को एक से दूसरी जगह पर लेकर जाना काफी आसान है। यह एक मजबूत लोहे से बना ढांचा है जोकि ट्रेन के टकराते ही विपरीत दिशा में इसे धकेलता है। इसे रेलवे ट्रैक पर स्थापित करने के लिए विशेष प्रकार के लॉक सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता है ताकि ट्रेन के टकराने के बाद ज्यादा नुकसान न हो और ट्रेन एक दो झटकों के बाद रुक जाए। फ्रिक्शन बफर सिस्टम के पास थोड़ी-थोड़ी दूरी पर एक विशेष प्रकार के क्लैंप लगाए जाते है जो रेलवे ट्रैक और बफर सिस्टम को मजबूती प्रदान करते हैं।

मंसूरपुर में हुआ ट्रायल
अंबाला रेल मंडल के अधीन खुर्जा से पिलखनी तक दूसरे चरण का कार्य चल रहा है। इस रेल खंड पर स्थित मंसूरपुर रेल यार्ड में पिछले दिनों फ्रिक्शन बफर सिस्टम का परीक्षण किया गया था। इस दौरान एक मालगाड़ी को 11 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया गया। इस मालगाड़ी का वजन लगभग 6500 मीट्रिक टन के करीब था। मालगाड़ी को फ्रिक्शन बफर सिस्टम की मदद से रोका गया। यह परीक्षण कॉरिडोर और रेलवे के उच्चाधिकारियों की निगरानी में किया गया जोकि पूरी तरह से सफल रहा।
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इस सिस्टम को विदेशों में रेल दुर्घटनाएं रोकने में इस्तेमाल किया जाता है। इसी तर्ज पर इसका पहला सफल परीक्षण डीएफसीसीआईएल के कॉरिडोर पर किया गया है। यह काफी कारगर सिस्टम है जोकि ट्रेन को बेपटरी होने नहीं देता और इससे नुकसान भी काफी कम होता है।
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- पंकज गुप्ता, महाप्रबंधक, डीएफसीसीआईएल अंबाला।
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