- ओपीडी के बाहर मरीजों की लगी रही कतार, डॉक्टर बोले- लू से बचें
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। नागरिक अस्पताल में सोमवार और मंगलवार को ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं। लोग अपनी बारी के लिए घंटों इंतजार करते दिखे। भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण इन दिनों डायरिया के मामलों में तेजी आई है। अस्पताल के ओपीडी में आधे से ज्यादा मरीज पेट से जुड़ी बीमारियों के पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों को बुखार व उल्टी की समस्या आ रही है। वहीं, इलाज के लिए पहुंचे मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें डॉक्टर की लिखी गई पूरी दवाइयां अस्पताल के काउंटर से नहीं मिल पा रही हैं जिससे उन्हें बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।
सामान्य चिकित्सक डॉ. अर्पिता ने बताया कि अस्पताल में आने वाले डायरिया के मरीजों में मुख्य रूप से उल्टी, तेज बुखार और दस्त के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। इस गर्मी को देखते हुए लोग बहुत जरूरी होने पर ही दोपहर में बाहर निकलें। खुद को लू से बचाएं और शरीर में पानी की कमी न होने दें। दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस का सेवन करें।
खांसी-बुखार की चपेट में मासूम
बदलते मौसम और तीखी धूप का सबसे ज्यादा असर बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विभाग में भी मासूमों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभज्योति ने बताया कि मौसम में अचानक आए इस बदलाव और अत्याधिक गर्मी के कारण बच्चों में खांसी, जुकाम और तेज बुखार के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि जितना संभव हो, बच्चों को दोपहर के समय धूप में बाहर न निकलने दें। उन्हें सूती कपड़े पहनाएं और ठंडी चीजें सीधे फ्रिज से निकालकर न दें।
पर्ची तो बन गई पर दवा बाहर की लिखी : सुमन
अस्पताल में अपने छह माह के बच्चे के साथ इलाज कराने आईं सुमन ने बताया कि उनके बच्चे को दो तीन दिन से बुखार आ रहा है। इसी की नागरिक अस्पताल में दवा लेने आईं थी। चिकित्सक ने धूप में बच्चे को कम निकालने के लिए सलाह दी है। दवा भी मिल गई है। वहीं बच्चे के साथ उपचार लेने आईं कुसुम ने बताया कि बच्चे को कुछ दिन से उल्टी हो रही है। उसी का उपचार लिया है। राजेश ने बताया कि ओपीडी में डॉक्टरों को दिखाने के लिए तो भारी मशक्कत करनी ही पड़ी, ऊपर से जब दवा काउंटर पर गए तो पता चला कि मुख्य दवाएं स्टॉक में ही नहीं हैं।
कुसुम।
कुसुम।