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Ambala News: अधूरी परियोजनाएं होंगी पूरी, टेंडर की प्रक्रिया शुरू

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अंबाला। करोड़ों रुपये की अधूरी परियोजनाओं के जल्द पूरा होने की आस बंध गई है। आगामी 15 दिनों में छावनी में अधूरी तीन परियोजनाओं के टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
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इसमें अंबाला कैंट में बन रहे डाॅक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की कॉलोनी और नागरिक अस्पताल में बन रहे 100 बैड के नई इमारत का निर्माण और अंबाला सिटी में राजकीय कन्या महाविद्यालय का अधूरी निर्माण शामिल है। पीडब्ल्यूडी ने अधूरे निर्माण को लेकर पहले ही रुपरेखा तैयार कर ली थी और अब पुराने टेंडर के रद्द होते ही नए टेंडर की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है और जल्द इसे नियमों सहित विभागीय पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा।
दो साल से रुकी परियोजनाएं
लगभग दो साल से उक्त परियोजनाओं पर ग्रहण लगा हुआ था। पहले यह मामला आर्बिट्रेशन में चला और इसका फैसला विभाग के हक में आया। इसके बाद पुराने टेंडर को रद्द करने की प्रक्रिया आरंभ की गई और अधूरे निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए पैमाइश आरंभ की गई। इस दौरान नागरिक अस्पताल में 100 बैड की सुविधा को 200 बैड में तब्दील करने की रुपरेखा, अंबाला सिटी में लड़कियों के सरकारी कॉलेज मिनी सचिवालय में प्रशासनिक ब्लॉक के अधूरे निर्माण का लेखा-जोखा तैयार किया गया।
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आर्बिट्रेशन के चार मामले लंबित
मौजूदा समय में आर्बिट्रेशन में चार परियोजनाओं से जुड़े मामले लंबित हैं। इसमें चंदपुरा गांव में 100 विद्यार्थियों के लिए बनने वाले होम्योपैथिक कॉलेज और 25 बैड के अस्पताल और लखनौर साहिब के डिप्लोमा कॉलेज में बनने वाले वेटनरी ब्लॉक और पोस्टमॉर्टम ब्लाक का मामला, वार हीरोज स्टेडियम का अधूरा निर्माण और फीफा अप्रूव्ड आर्टिफिशियल टर्फ का मामला और आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र का मामला विचाराधीन है।
अधूरे निर्माण पर खर्च होगा अतिरिक्त पैसा

अंबाला सिटी में लड़कियों के लिए सरकारी कॉलेज के निर्माण का कार्य दिसंबर 2018 में 11 करोड़ 76 लाख 27 हजार 106 रुपये की लागत से शुरु किया गया था। वहीं अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल के नजदीक डाक्टरों व कर्मचारियों के लिए 24 करोड़ 98 लाख 94 हजार 984 रुपये की लागत से क्वार्टरों का निर्माण आरंभ किया गया। इसी प्रकार नागरिक अस्पताल में 22 करोड़ 81 लाख 84 हजार 428 रुपये की लागत से 200 बैड का निर्माण शुरु किया गया था। नए टेंडर में अब इनकी अनुमानित लागत में भी वृद्धि होगी। वार हीरोज स्टेडियम को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस व अपग्रेड करने के लिए 42 करोड़ 89 लाख 96 हजार 241 रुपये की लागत से अप्रैल 2017 में काम शुरु करवाया गया। जबकि लखनौर साहिब में 7 करोड़ 61 लाख 35 हजार 940 रुपये की लागत से वेटनरी ब्लॉक का निर्माण और अंबाला सिटी के मिनी सचिवालय में 26 लाख 83 लाख 44 हजार 866 रुपये की लागत से फरवरी 2019 में प्रशासनिक ब्लॉक का निर्माण शुरु किया गया था। अंबाला छावनी में 8 करोड़ 33 लाख 31 हजार 830 रुपये की लागत से आर्यभट्ट विज्ञान केंद्र का निर्माण और मार्च 2021 में 35 करोड़ 92 लाख 55 हजार 955 रुपये की लागत से गांव चंदपुरा में शुरु किए गए होम्योपैथिक कॉलेज का निर्माण अधूरा है।
वर्जन
आर्बिट्रेशन से चार परियोजनाओं की क्लीयरेंस मिली थी। इसके तहत तीन परियोजनाओं के टेंडर की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई। इनके अधूरे निर्माण के लिए पहले ही रूपरेखा तैयार कर ली थी। अब अंबाला सिटी के मिनी सचिवालय को लेकर विभागीय आदेश नहीं मिले हैं। जबकि अभी चार अन्य मामले आर्बिट्रेशन में लंबित हैं।
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रितेश अग्रवाल, कार्यकारी अभियंता, पीडब्ल्यूडी।
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