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अधूरे फार्म पर कैसे बनेंगे राशन कार्ड!

Mon, 17 Feb 2014 12:41 AM IST
अमर उजाला अंबाला
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अंबाला। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए दूसरी बार फार्म भरने की प्रक्रिया लोगों के लिए परेशानी पैदा कर रही है। लोगों को अधूरा फार्म थमाया जा रहा है, जबकि इस में परिवार के सदस्यों की जानकारी का ब्योरा नहीं मांगा गया है। ऐसी स्थिति में इन लोगों के राशन कार्ड बनना ही मुश्किल है, क्योंकि पूरी जानकारी विभाग तक पहुंच नहीं पाएगी। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से इन दिनों राशन कार्ड के लिए फार्म भरवाए जा रहे हैं। यह फार्म राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत भरे जा रहे हैं। लेकिन यही फार्म अब लोगों के लिए परेशानी बन रहे हैं। कई क्षेत्रों में अधूरे फार्म ही बांट दिए गए हैं।
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पहली परेशानी
 इन फार्मों में परिवार की सबसे बड़ी महिला को बतौर मुखिया दर्शाना है, जबकि उनके नाम से ही राशन कार्ड बनेगा। अब कई परिवार ऐसे हैं, जिनमें महिला नहीं हैं, तो ऐसी स्थिति में क्या करें, यह स्पष्ट नहीं है।

दूसरी परेशानी
यह है कि अधूरे फार्म में परिवार की सबसे बड़ी महिला का नाम और उसके पति का नाम तो पूछा गया है, लेकिन परिवार के अन्य सदस्यों के विवरण के बारे में कोई जगह नहीं है। अंबाला कैंट की राय मार्केट, तोपखाना क्षेत्र में अधूरे फार्म ही बांटे गए हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में एतराज जताने के बाद यह पूरे फार्म उपलब्ध करवाए गए। दूसरी ओर लोगों का यह भी कहना है कि राशन कार्ड के लिए पहले स्मार्ट कार्ड के फार्म भरे गए, उसके बाद अस्थायी तौर पर फार्म भरे गए और अब फिर से फार्म भरने के निर्देश हैं।
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यह कहते हैं लोग
कैंट के रहने वाले अनिल कुमार श्रीवास्तव, जाहिद अली, जमशेद खान, सुधीर त्यागी, पवन कुमार, एलके मिश्रा का कहना है कि कई जगहों पर अधूरे फार्म बांटे गए हैं, जिसमें परिवार के बारे में अधूरी जानकारी देकर फार्म जमा करवा दिए गए। लेकिन जब एतराज जताया, तो पूरा फार्म दिया गया। कैंट की राय मार्केट, तोपखाना में भी यही स्थिति है। इसके अलावा राशन कार्ड के लिए कई बार प्रक्रियाएं हो चुकी हैं, जबकि यह क्यों किया जा रहा है कुछ बताया नहीं जाता। बार-बार राशन कार्ड के लिए फार्म भरे जा रहे हैं, जिससे परेशान हो चुके हैं।
कोट
‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा के लिए फार्म भरे जा रहे हैं, जिसमें परिवार की सबसे बड़ी महिला को मुखिया बनाया गया है। इसके अलावा यदि कहीं पर अधूरे फार्म बांटे गए हैं, तो उसे चैक करवाता हूं, जानकारी पूरी देने के बाद ही राशन कार्ड बन पाएगा।’
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-एमजी मड़िया, डीएफएसओ अंबाला।
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