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आयकर के छापे की अफवाह, कारोबारियों में हड़कंप, बाजार बंद

Sat, 12 Nov 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला/ब्यूरो/अंबाला
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बंद पड़ा एटीएम - फोटो : amar ujala
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आयकर के छापों की अफवाह से शुक्रवार को जिलेभर के बाजारों में हड़कंप की स्थिति रही। दोपहर तक बाजार बंद होने शुरू हो गए, जबकि एक ज्वेलर पर आयकर विभाग की छापामारी की खबर ने तो कारोबारियों की धड़कने तक बढ़ा दीं। दूसरी ओर शुक्रवार को भी एटीएम से करेंसी हासिल करने में लोगों के पसीने छूट गए। दोपहर होते-होते नगदी ही खत्म हो गई। बैंकों के काउंटरों पर पुरानी राशि एक्सचेंज होती रही, जबकि लोग भी दिन भर परेशान रहे। 
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शुक्रवार को सिटी में इनकम टैक्स और सेल टैक्स की अफवाहों का दौर इस कदर गरम रहा कि देखते ही देखते दुकानें बंद हो गईं। दुकानदार चंद मिनटों में दुकानों को ताले लगाकर रफूचक्कर हो गये। सिटी के सर्राफा बाजार से शुरू हुई इस अफवाह ने आग तरह से फैलकर कपड़ा मार्केट से होते हुए पूरा शहर बंद करवा दिया। इस दौरान एक बड़े ज्वेलर पर छापे की अफवाह के बाद दुकानदारों ने आनन-फानन में दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं। उधर, प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु व राज्यमंत्री नायब सैनी के काफिले बाजारों से निकले। इसी को लोगों ने समझ लिया कि कहीं आयकर विभाग ने छापमारी तो नहीं कर दी। इसी से सहमे दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद करनी शुरू कर दीं। 

उधर, नारायणगढ़ में शुक्रवार की दोपहर अचानक शहर में उड़ी एक अफवाह के बाद सभी दुकानें बंद हो गईं। दुकानदार ने अपने दुकान का शटर बंद कर मौके से खिसक लिए। यही नहीं अनाज मंडी के आढ़ती भी अपनी दुकानें बंद कर चलते बने। बताया जाता है कि यह अफवाह आयकर विभाग की टीम की छापेमारी को लेकर उड़ी थी। इसी तरह शहजादपुर के साथ-साथ गांव जटवाड़ व भड़ौग में भी लगभग दुकानें बंद हो गईं।
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बुजुर्गों के लिए आफत बने ये नोट 
सरकार के फैसले के बाद बुजुर्गों के लिए पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट गले की फांस बन चुके है। इसके लिए मजबूरन बुजुर्गों को कई-कई घंटों तक लाइनों में लगना पड़ता है। उसके उपरांत जैसे तैसे वह बैंक के काउंटर पर पहुंचकर नोट बदलवा रहे हैं, जबकि कई बुजुर्ग घर में रखे पैसों को भी बैंकों में जमा करवाने के लिए भटक रहे हैं। 

लाइन में लगे फौजी व बुजुर्ग के बीच हुई धक्कामुक्की 
स्टेट बैंक माल रोड ब्रांच में नोटों के बदलाव के लिए लगी लाइन में एक फौजी व बुजुर्ग में धक्कामुक्की हो गई। इसके बाद बुजुर्ग ने हंगामा कर दिया और फौजी पर जबरन लाइन के बीच में घुसने का आरोप लगाया। इसके बाद फौजी के साथ मौजूद अन्य साथी भी एकत्रित हो गए। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच बहस हो गई। उसके उपरांत हंगामे की सूचना मिलते ही बैंक में खड़े पुलिस कर्मी ने बीचबचाव कर मामले को शांत करवाया।

डाकघर में खत्म हुई करंसी, उपभोक्ताओं ने जमाया रोष  
स्टाफ रोड स्थित मेन डाकघर में उस समय कतारों में खड़े लोगों के चेहरे उतर गए, जब डाकघर के ने करेंसी खत्म होने पर उपभोक्ताओं को वापिस भेज दिया। जिसके बाद डाकघर में मौजूदा उपभोक्ताओं ने डाकघर की कार्यप्रणाली पर रोष जताया। उनका कहना था कि वह कई घंटों से लाइनों में लगे हुए हैं और अचानक डाकघर कर्मचारियों द्वारा करेंसी खत्म होने की बात कहकर वापस भेज दिया गया। कर्मचारियों का कहना था कि वह जिस बैंक से करेंसी के लिए संपर्क कर रहे हैं, वहां भी छोटे नोट खत्म हो चुके हैं। इस दौरान उपभोक्ताओं को डाकघर से नोटों के साथ साथ सिक्के भी वितरित किए गए थे। 

मध्यम वर्ग की महिलाओं ने फैसले पर जताई खुशी 
मध्यम वर्ग की महिलाओं ने मोदी के फैसले को सराहनीय कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से हमारे घर का बजट में तीन हजार रुपये की बजट हुई है और अनावश्यक खर्च भी बचा है। वहीं, गृहिणी शैलजा सचदेवा, ज्योति पसरीचा, मीनू गर्ग, रीतिका मेंहदीदत्ता, सपना सराओ, संगीता आहूजा, विम्मी बजाज, अमिता चुग, मोनिका धवन, वीभा सतीजा, डिंपल शर्मा, सुमन, मोना, कुलदीप कौर, मधु कश्यप, विजय गुप्ता ने बताया कि सरकार के फैसले से महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी है। महिलाओं का कहना है कि इससे अनावश्यक खर्च पर ब्रेक तो लगी है।

बैंकों के बाहर पुलिस रही मौजूद 
अप्रिय घटनाओं से निपटने के लिए सुबह से ही बैंकों के बाहर पीसीआर तैनात होने लगी थी वहीं पुलिस के आला अधिकारी भी पूरा दिन गश्त करते नजर आए। अंबाला हिसार रोड स्थित एक बैंक के बाहर नेशनल हाइवे पर खड़े वाहनों को देख पुलिस के आला अधिकारी ने गाड़ी रुकवाकर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। 

सेठों की तिजोरी खंगाले सरकार : हिम्मत
दुकानदारों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स व सेल टैक्स अधिकारियों की रेड की कांग्रेस ने कड़ी आलोचना की है। राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के महासचिव हिम्मत सिंह ने कहा कि 500 व एक हजार रुपये के नोट अचानक बंद करने का ऐलान कर केंद्र सरकार के कारोबारियों का धंधा पहले ही चौपट कर दिया। अब बची कसर इनकम टैक्स व सेल टैक्स के अधिकारी निकालने में लग गए हैं। इसी वजह से शुक्रवार को मुख्य बाजारों के दुकानदारों को अपनी दुकानें बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा। हिम्मत सिंह ने कहा कि सरकार को पहले काला धन जमा करने वाले बड़े धन्ना सेठों की तिजोरियां खंगालनी चाहिए। 
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बैंकों में नई करंसी एक्सचेंज करके दी गई है, जबकि एटीएम में भी करंसी डाली गई। अब छोटी करंसी जितनी है, उसी आधार पर एटीएम में डाली गई। धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होगी, जबकि लोग भी थोड़ा धैर्य रखें। तीस दिसंबर तक पुरानी करंसी बदलने का मौका है, जबकि कुछ समय के बार नई करंसी सर्कुलेट होने के बाद हालात संभलेंगे। बैंक पूरी तरह से उपभोक्ताओं से डीलिंग कर रहे हैं, जबकि लोग भी सहयोग करें। खासकर यदि कोई व्यक्ति बैंक में किसी को अन्य बैंक में रुपये जमा करवाने या फिर खुद जमा करवाने के लिए कहता है, तो इनकार करें और बैंक कर्मचारियों की सहायता लें। 
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- नरेश सिंगला, लीड बैंक मैनेजर अंबाला
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