नगला के मीत हत्याकांड में हलदरी के राजमिस्त्री शाम लाल व सगे भाई विरेंद्र उर्फ बिंदर ने लोहे की सब्बल से वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया था। हत्यारोपियों ने तो उसे अपनी तरफ से मार दिया था लेकिन अभी उसकी सांसे चल रही थी। लेकिन जब मीत के परिजन मौके पर पहुंचकर उसे अस्पताल ले जा रहे थे तो आरोपियों के मन में डर था कि अगर वह बच गया तो उनका राज खुल जाएगा परंतु मौत की खबर सुनकर आरोपियों ने राहत की सांस ली थी। अवैध संबंधों के कारण अंजाम दिए गए इस हत्याकांड में मृतक की प्रेमिका के पति देेवीलाल व उसके पिता गुरदेव सिह सहित चारों को बुधवार कोर्ट में पेश किया गया। सीआईए-टू ने कोर्ट से छह दिन के रिमांड की मांग की है। एक फरवरी को साहा में दर्ज हत्या के मामले की तफ्तीश सीआईए ने कॉल डिटेल व मुखबिरों की मदद से सुलझाई।
शामलाल ने देवीलाल को उसकी पत्नी व मीत के अवैध संबंधों के बारे में बताया था तो वह छुटकारा पाने की इच्छा जताने लगा। पिता गुरदेव के साथ शामलाल को सुपारी का ऑफर दिया कि यदि वह मीत को ठिकाने लगा दे तो लाखों देगा। शामलाल ने मीत के भाई बिंदर को लालच देकर अपने साथ मिला लिया कि मौत के बाद प्रॉपर्टी उसकी हो जाएगी। घटना की रात मीत प्रेमिका से मिलने बाहर निकला तब पिता-पुत्र ने लाइट जलाकर बाहर इंतजार कर रहे बिंदर व शामलाल को अलर्ट कर दिया ताकि हमला कर सकें।
मीत हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों का पांच दिन का रिमांड लिया गया है ताकि वारदात में प्रयोग की गई लोहे की सब्बल बरामद की जा सके। अपनी तरह से दोनों ने मीत को मौत के घाट उतार दिया था। आनन-फानन में वहां से निकल गए। उन्हें नहीं पता था कि वह जिंदा है। पहले वे घबरा गए लेकिन अस्पताल से मौत की खबर सूचना पर राहत की सांस ली। पूछताछ जारी है।
- अमन कुमार, इंचार्ज, सीआईए-टू।