यमुना नहर किनारे जंगल में छिपाकर रखे 400 लीटर लाहन को जपत करते पुलिस कर्मी। संवाद
इंद्री। यमुना नदी के किनारे जंगल में अवैध रूप से शराब तैयार करने का भंडाफोड़ हुआ है। चंद्राव गांव के पास पुलिस ने दबिश देकर जंगल में छिपाकर रखे दो ड्रमों से 400 लीटर लाहन बरामद किया है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी भाग गए। पुलिस के अनुसार, गांव के 2-3 युवक अवैध रूप से शराब तैयार कर उसे यमुना नहर के रास्ते उत्तर प्रदेश में ले जाकर बेचने की तैयारी में थे। पुलिस ने आबकारी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
थाना इंद्री प्रभारी निरीक्षक धर्मबीर सिंह ने बताया कि वह टीम के साथ गढ़ी बीरबल बस अड्डे के पास गश्त पर थे। इसी दौरान सूचना मिली कि चंद्राव गांव के कुछ युवक यमुना नदी के किनारे जंगल में अवैध रूप से शराब तैयार कर रहे हैं।
पुलिस टीम चंद्राव क्षेत्र में यमुना नहर के किनारे जंगल में पहुंची और तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान दो ड्रम छिपाकर रखे मिले। एक ड्रम नीले और दूसरा लाल रंग का था। दोनों ड्रमों के ऊपर कट्टे रखे हुए थे। पुलिस ने कट्टे हटाकर जांच की तो उनमें लाहन भरा मिला। जांच में नीले ड्रम से 200 लीटर और लाल ड्रम से 200 लीटर, कुल 400 लीटर लाहन बरामद हुआ। पुलिस ने मौके पर वीडियोग्राफी कराई और बरामद लाहन को दोनों ड्रमों सहित कब्जे में ले लिया।
अवैध शराब के नेटवर्क की जांच
पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि जंगल में अवैध शराब तैयार करने के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं, शराब कहां सप्लाई की जानी थी और क्या इस काम के पीछे कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। थाना इंद्री प्रभारी धर्मबीर ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पहले भी दो मामले आ चुके
- 20 सितंबर को असंध के गांव खिजराबाद के आबादी क्षेत्र से बाहर जंगलों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने के ठिकानों पर पुलिस ने दबिश दी थी। दोनों जगह से 5800 लीटर लाहन बरामद हुई। कुछ ड्रमों में भरी थी तो कुछ भट्ठी पर तैयार हो रही थी।
- इससे पहले दो जुलाई को पुलिस ने राहड़ा गांव में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खेत में बने कोठे से करीब 1000 लीटर लाहन बरामद किया था। तब भी आरोपी पुलिस की सूचना मिलने पर खेतों के रास्ते भाग गए थे। कोठे की तलाशी लेने पर पुलिस को चार बड़े प्लास्टिक के ड्रम मिले। प्रत्येक ड्रम में लगभग 250-250 लीटर लाहन भरा हुआ था।