नारायणगढ़। बपौली व खानपुर राजपुतान गांव में जमीन बेचने के नाम पर पंचकूला के खोखरा गांव निवासी पारो देवी से 97 लाख रुपये की धोखाधड़ी हो गई। एसीबी की लंबे समय तक जांच की तो कई खुलासे हुए। बिजली निगम की मिलीभगत से जमीन पर सालों से अवैध ट्रांसफार्मर चल रहा था। एसीबी की जांच व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के आदेश पर नारायणगढ़ थाना पुलिस ने अब तीन आरोपियों पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई बलजीत सिंह, निजी ठेकेदार राजेंद्र सिंह व बिजली निगम के लाइनमैन चरण सिंह पर धोखाधड़ी 420 आईपीसी, अमानत में खयानत 406, बिजली चोरी 135 व धारा 151 के तहत की गई है।
97 लाख में हुआ था सौदा, रजिस्ट्री के बाद उजागर हुआ फर्जीवाड़ा
पीड़िता पारो देवी ने बताया कि 30 मई 2022 को सब-रजिस्ट्रार नारायणगढ़ के कार्यालय में रजिस्ट्री नंबर 888 के तहत बपौली गांव निवासी बेअंत कौर से 45 कनाल 14 मरले जमीन खरीदी थी। इस सौदे की कीमत 97 लाख रुपये तय हुई थी, जिसमें जमीन के साथ-साथ चालू हालत में लगा हुआ बोर, ट्यूबवेल और बिजली का कनेक्शन मय ट्रांसफार्मर भी शामिल था। इस सौदे को करवाने में बेअंत कौर के बेटे बलजीत सिंह और मनीष कुमार ने मुख्य भूमिका निभाई थी। रजिस्ट्री होने के बाद जब पारो देवी इस ट्यूबवेल कनेक्शन को अपने नाम करवाने के लिए बिजली निगम पहुंचीं तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। अधिकारियों ने रिकॉर्ड खंगालकर बताया कि विभाग द्वारा इस जमीन पर कभी कोई ट्यूबवेल कनेक्शन जारी ही नहीं किया गया है।
एसीबी की जांच में हुआ खुलासा, लाइनमैन व ठेकेदार की खुली पोल
पीड़िता पारो देवी ने ठगी का एहसास होने पर महिला ने पुलिस और बिजली निगम में शिकायत दी। शिकायत के बाद विभाग ने आनन-फानन में वहां जाकर बिजली लाइन तो काट दी, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की। एसीबी के पंचकूला शक्ति भवन में एडीजीपी के समक्ष न्याय की गुहार लगाई। एसीबी के इंस्पेक्टर मुकेश बेनीवाल ने जब इस पूरे मामले की गहनता से जांच की तो बिजली निगम व ठेकेदारों के एक बड़े गठजोड़ का पर्दाफाश हुआ। जांच में सामने आया कि आरोपी बलजीत सिंह ने बिजली विभाग की किसी भी अनुमति के बिना, विभाग के ही एक लाइनमैन और प्राइवेट ठेकेदार के साथ सांठगांठ की थी। इन लोगों ने अवैध रूप से 4 खंभों पर 11,000 कवी की हाई टेंशन तार खींची थी। सरकारी खजाने को चूना लगाते हुए 20 मई 2014 को 25 केवी का सेंचुरी मार्का का अवैध ट्रांसफार्मर नंबर 71364 वहां स्थापित कर दिया। इस अवैध ट्रांसफार्मर के जरिए पिछले कई सालों से बिना किसी सिक्योरिटी या रिकॉर्ड के धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही थी और इसी फर्जी कनेक्शन को असली बताकर महिला को जमीन बेच दी गई।