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Ambala News: बारिश आई तो बराड़ा में होंगे बाढ़ के हालात

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सीमा। - फोटो : अमित गर्ग।
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पूर्ण सिंह
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बराड़ा। बराड़ा पिछले वर्ष बाढ़ का दंश झेल चुका है, लेकिन इस बार भी लग रहा है कि थोड़ी सी बारिश में ही गलियां जलमग्न हो जाएंगी, क्योंकि बराड़ा के नालों में सफाई नहीं हुई और सभी नाले गंदगी से अटे हैं।
यहां स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका बनने के बाद लोगों ने सोचा था कि यहां विकास कार्यों की बाढ़ आएगी और उन्हें रोजाना की समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। खासकर साफ सफाई के मामले में बराड़ा नगर पालिका बनने के बाद आगे रहेगा, लेकिन इसके विपरीत सफाई के मामले में बराड़ा फिसड्डी साबित हुआ। अब मानसून आने को है लेकिन अब तक कहीं भी नालों की सफाई का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। वैसे भी बराड़ा नगरपालिका की कार्यकारिणी का कार्यकाल काफी समय से समाप्त हो गया था और लोग अब नपा चुनाव के इंतजार में हैं।
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करीब 10 नाले हैं नगरपालिका क्षेत्र में

जानकारी के अनुसार गांव बराड़ा से क्वालिटी चौक, योगी मोहल्ला से बस स्टैंड, मुख्य बाजार में दोनों तरफ, राजोली रोड पर, बड़े सरकारी स्कूल के पास दो नाले, श्मशान की ओर जाने वाला नाला, अधोया रोड पर बाजार में दोनों तरफ नाले हैं। जिन्हें मिलाकर कुल करीब 10 नाले हैं। इन नालों के हालात देखे जाएं जो सभी ऊपर तक फुल हैं। यदि नगर पालिका द्वारा इनकी सफाई का ठेका दिया जाता है तो ऐसे में इनकी सफाई क्यों नहीं कराई जाती।

समाजसेवी डॉ.कुलदीप शर्मा का कहना है कि महाराणा प्रताप चौक के पास जो पानी होता है, वह नाले की सफाई ना होने के कारण है। यह नाला महाराणा प्रताप चौक, बस स्टैंड से होता हुआ रेलवे ओवरब्रिज, शनि मंदिर से होकर रेल लाइन पुलिस से अनाज मंडी के पीछे की तरफ निकलता है। पिछले वर्ष की नाले की सफाई ना होने के कारण मंडी के पीछे बनी कॉलोनी में पानी खड़ा हो गया और गलियां उखाड़कर पानी निकाला गया।
इनेलो की जिला उपाध्यक्ष महिला विंग का कहना है कि रीटा केसरी प्रशासन ने मानसून से पहले नालों की सफाई के आदेश दिए गए हैं, लेकिन बराड़ा नगर पालिका प्रशासन सरकारी आदेशों की भी धज्जियां उड़ा रहा है। नगर पालिका प्रशासन कहीं भी संजीदा नहीं दिखाई दे रहा है। ना नालियों की सफाई और ना ही नालों की। इसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। नगर पालिका शीघ्र अतिशीघ्र नालों की सफाई शुरू कराएं।



बराड़ा की पूर्व पार्षद सीमा का कहना है कि नालों की सफाई का काम नगर पालिका प्रशासन का है, इसलिए समय-समय पर इनकी सफाई कराई जानी बेहद जरूरी है। जरूरी नहीं कि मानसून आने से पहले ही नालों की सफाई कराई जाए बल्कि रूटीन में सफाई जरूरी है ताकि नालों में गंदगी ना जमें और इनमें मक्खी मच्छर ना पनप सकें और बदबू का भी माहौल ना हो। हर कार्य के लिए नगर पालिका के पास बजट होता है, ऐसे में इसी बजट के तहत नालों की सफाई शीघ्र अति शीघ्र कराई जाए।
एडवोकेट अमित गर्ग का कहना है कि प्रशासन के पास पैसे की कमी नहीं है बल्कि प्रशासन काम करने में कोताही बरत रहा है। जब जनता टैक्स देती है तो उनकी समस्याएं भी दूर होनी चाहिए। विभाग के पास विकास कार्यों के लिए पैसे नहीं हैं व कर्मचारी नहीं हैं तो वह जनता को इस बारे में बता सकते हैं।
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वर्जन

जल्द ही नाले और नालियों की सफाई शुरू कराई जाएगी। मानसून से पहले सफाई कार्य पूरे किए जाएंगे और लोगों को भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।

राजेश कुमार, सचिव नगपालिका बराड़ा
वर्जन



उपायुक्त ने सफाई के निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत बराड़ा नगर पालिका को भी नालों की सफाई के आदेश दे दिए हैं। अगले दस दिनों में बराड़ा में नालों की सफाई शुरू हो जाएगी।



अश्वनी मलिक, एसडीएम बराड़ा

सीमा।- फोटो : अमित गर्ग।

सीमा।- फोटो : अमित गर्ग।

सीमा।- फोटो : अमित गर्ग।

सीमा।- फोटो : अमित गर्ग।

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